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पलाश ब्रांड, ग्रामीण महिलाओं के लिये बन रहा आजीविका का आधार

  • संघर्ष नहीं हुई विचलित, ऐसे आया बदलाव

  • ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार मिला

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर प्रारंभ अभियान

  • मजदूरी से लेकर होटल मालकिन तक का सफर किया महिलाओं ने

राष्ट्रीय खबर

रांचीः पलाश ब्रांड के तहत करीब 1.10 लाख ग्रामीण महिलाएं विभिन्न कार्यों से जुड़ी हैं।

करीब 5 हजार महिलाएं सीधे पलाश मार्ट, पैकेजिंग, मार्केटिंग के कार्यों से जुड़ी है। विगत

चार महीनों में करीब 29 लाख का टर्न ओवर पलाश ब्रांड ने हासिल किया। पलाश दीदी

हाइवे होटल। पाकुड़ से 35 किलोमीटर दूर लिट्टीपाड़ा प्रखंड़ के बरमसिया गांव में गोविंदपुर

– साहिबगंज हाइवे पर स्थित इस होटल की संचालिका हैं अनिता मुर्मू। अनिता कभी

मजदूरी कर गृहस्थी के दायित्वों का निष्पादन कर रही थी। लेकिन आज वह होटल की

संचालिका है। जीवन अब बेहतर बसर हो रहा है। आर्थिक तंगी अब दस्तक नहीं देती। लोग

उन्हें दीदी कहकर पुकारते हैं। वैसे तो इस होटल का नाम एस.बी. होटल है। लेकिन, लोग

इसे दीदी हाइवे होटल के नाम से अधिक जानते हैं। होटल संचालक की सरल एवं सहज

स्वभाव के साथ गुणवत्ता पूर्ण स्वादिष्ट भोजन राहगीरों को भा रहा है।

पलाश ब्रांड ने अनेक महिलाओं की जिंदगी ही बदल दी है

अनिता बताती है कि इससे पहले वह आस–पास के खेतों में मजदूरी व अन्य कार्य करती

थी। मजूदरी से घर की हर आवश्यकता पूर्ण नहीं हो पाता था। आर्थिक तंगी हमेशा रहती

थी। इस क्रम में वह गांव में गठित हो रही सवेरा आजीविका महिला समूह से जुड़ी और

फिर ग्राम संगठन नारी शक्ति लिट्टीपाड़ा से जुड़ाव हुआ। अनिता के कुछ करने की इच्छा

एवं सफल उद्यमी बनने की चाहत के सपनो को पंख दिया झारखंड स्टेट लाइवलीहुड

प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के स्टार्ट अप विलेज इंटरप्रेन्योरशिप कार्यक्रम ने।

समूह से आर्थिक मदद मिली तो व्यापारिक कुशलता से आगे बढ़े

जिसके तहत अनिता को करीब 30 हजार का लोन मिला, वहीं करीब 20 हजार की राशि

अनिता ने समूह से भी लोन लिया और फिर अनिता ने होटल खोलकर अपनी उद्यमिता

के सफर की शुरूआत की। देखते ही देखते, राज्य सरकार के पलाश ब्रांड के तहत गोविंदपुर

– साहिबगंज हाइवे पर होटल का शुभारम्भ दिसम्बर 2020 में हो गया। शुरूआती दिनों में

ही अनिता अपने पलाश होटल से रोजाना करीब 800 रुपये की आमदनी कर रही है।

अनिता बताती है समूह ने हमारी जिंदगी को नया रास्ता दिया है अब मैं पीछे मुड़कर नहीं

देखूंगी। अनिता के इस पहल से अन्य आदिवासी महिलाएं भी प्रेरित होकर उद्यमिता को

अपना रहीं हैं।

ग्रामीण महिलाओं के रोजगार बेहतर करने का साधन दिया इसने

राज्य की ग्रामीण महिलाओं के द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने एवं उनके

श्रम का समुचित लाभ उन तक पहुंचाने के उद्देश्य के साथ मुख्यमंत्री द्वारा 29 सितंबर

2020 को पलाश ब्रांड का शुभारंभ किया गया था। पलाश ब्रांड संग्रहण एवं पैकेजिंग कार्य में

अब तक करीब 5000 महिलाएं जुड़ी है वहीं करीब 1.10 लाख महिलाएं पूरे राज्य में पलाश

ब्राण्ड के विभिन्न कार्यों से जुड़ कर अपनी आजीविका को सशक्त बना रही है। पलाश ब्रांड

उत्पादों के संस्करण एवं पैकेजिंग हेतु 23 केंद्रों का परिचालन आरंभ किया गया है। 27

प्रकार के उत्पादों के ब्रांडिंग एवं विपणन कार्य आरंभ हुए हैं। उत्पादों के प्रचार प्रसार एवं

विक्रय हेतु अब तक 9 जिलों में केंद्र खोले गए हैं एवं अब तक कुल 29 लाख रुपये का

विक्रय किया जा चुका है। पलाश ब्राण्ड के तहत राज्य के सखी मंडलों के तमाम उत्पादों को

एक ब्राण्डिंग के तहत लाकर अच्छी मार्केंटिंग एवं पैकेजिंग उपलब्ध कराई जा रही है ताकि

उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो सके।

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