fbpx Press "Enter" to skip to content

पलामू में बागियों की सक्रियता में पस्त पड़ रही है भाजपा

संवाददाता

रांचीः पलामू में बागियों की सक्रियता से ही भाजपा पस्त पड़ी हुई है। पार्टी से नाराज

होकर अलग खेमा से चुनाव में ताल ठोंक चुके इन बागियों ने भाजपा नेतृत्व और

प्रत्याशियों के पसीने छुड़ा दिये हैं।

पलामू प्रमंडल की नौ सीटों पर भाजपा के चार बागी मैदान में। इन चारों के मैदान में होने

की वजह से भाजपा उम्मीदवारों के जीत का रास्ता कठिन हो गया है। विधानसभा चुनाव

के वास्ते सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने राजनीति के पटल पर जिस प्रकार की चुनावी

बिसात बिछायी है, उससे उसे दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। एक तरफ

भाजपा को जहां अपने राजनीतिक विरोधियों का सामना करना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर

उसे अपनों से भी दो-दो हाथ करना ‘पड़’ सकता है।

पलामू की नौ सहित कुल 13 सीटों पर पहले चरण में 30 नवंबर को मतदान होना है।

लेकिन प्रमंडल की पांच सीटों पर भाजपा के चार बागी चुनाव मैदान में हैं। कमल के लिए

उसके बागी राह में कांटे अटका सकते हैं। प्रथम चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त

हो चुकी है। भाजपा की सूची में अपना नाम न देखकर कई नेता बगावत पर उतर आये हैं।

इनमें से भाजपा के चार असंतुष्ट नेताओं ने भी पार्टी बदलकर या निर्दलीय उम्मीदवार के

रूप में नामांकन कापर्चा दाखिल कर दिया है।

अब पांच विधानसभा क्षेत्रों में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। शनिवार को नाम वापसी के

बाद चुनाव चिन्ह मिलते ही चुनाव प्रचार ने भी जोर पकड़ लिया है। टिकट से वंचित होने

पर छतरपुर विधानसभा क्षेत्र (सुरक्षित) से भाजपा विधायक और मुख्य सचेतक

राधाकृष्ण किशोर ने पार्टी छोड़ दी है।

पलामू में बागियों की गति मिली राधाकृष्ण किशोर के विद्रोह से

उन्होंने आजसू पार्टी के चुनाव चिह्न पर छतरपुर सीट के लिए नामांकन कर दिया है।

उनके स्थान पर भाजपा ने पूर्व सांसद मनोज भुईयां की पत्नी पुष्पा देवी पर भरोसा किया

है। भाजपा की बहुचर्चित हुसैनाबाद सीट से पार्टी के युवा नेता एवं जिला परिषद के

निवर्तमान उपाध्यक्ष विनोद सिंह पार्टी से टिकट पिछले चुनाव से चाह रहे थे, लेकिन

भाजपा ने विनोद जैसे समर्पित एवं स्थापित नेता की उपेक्षा कर आजसू पार्टी के साथ

समझौता करने के चक्कर में उनको टिकट नहीं दिया। अब विनोद सिंह ने बगावती तेवर

दिखाते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र भर दिया है। वर्तमान परिदृश्य में

भाजपा-आजसू की समझौता वार्ता फेल हो गयी। बाध्य होकर भाजपा ने विनोद को गले

लगाते हुए अपना समर्थन व्यक्त कर दिया है।

अब पलामू जिले की राजधानी डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र की भी कहानी है। इस सीट से

जिला परिषद के वर्तमान उपाध्यक्ष संजय सिंह टिकट पाने के लिए हाथपैर मार रहे थे।

संजय ने पूरे क्षेत्र में अपने धनबल पर कई कार्य किये। हजारों ग्रामीणों में कंबल बांटे, नये

वस्त्र दिए। सड़क निर्माण में आर्थिक सहयोग दिया। ये सेवाकार्य वह पिछले दस वर्षों से

लगातार कर रहे थे, लेकिन भाजपा ने उनको तव्वजो नहीं दी। अंत में अपने सैकड़ों

समर्थकों के दबाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल कर दिया।

अन्य बागी भी ताल ठोंक चुके हैं पलामू के चुनावी मैदान में

गढ़वा जिले की भवनाथपुर सीट से नगर उंटारी के प्रतिष्ठित राज परिवार के युवा सदस्य

अनंत प्रतापदेव ने भाजपा से विद्रोह करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र

दाखिल कर दिया है। नामांकन के वक्त भारी भीड़ देखकर देव के समर्थक बहुत उत्साहित

हैं। पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में अनंत प्रतापदेव ने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी

के रूप मे लड़ा था और करीब 2600 मतों से पराजित हो गये थे। इस सीट से नौजवान

संघर्ष मोर्चा के सुप्रिमो भानू प्रताप शाही ने जीत हासिल की थी।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

3 Comments

Leave a Reply

Open chat
Powered by