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पाकिस्तान का दावा करतारपुर गलियारे पर वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति




लाहौर/नयी दिल्लीः पाकिस्तान का दावा है कि सिख धर्म के संस्थापक बाबा गुरु नानक की 550वीं जयंती से पहले

सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर गलियारा को खोलने को लेकर भारत के साथ दूसरे दौर की वार्ता

में ‘80 फीसदी और उससे अधिक’ बिंदुओं पर आम सहमति बन गई है।

दोनों देशों के बीच वार्ता पाकिस्तान में बाघा सीमा पर हुई जहां आठ सदस्यीय भरतीय दल का

नेतृत्व आंतरिक संयुक्त सचिव एस सी एल दास और 13 सदस्यीय पाकिस्तानी दल का

नेतृत्व सार्क एवं साउथ एशिया डेस्क के महानिदेशक एवं विदेश कार्यालय (एफओ) के

प्रवक्ता डा। मोहम्मद फैसल ने किया। डॉन अखबार के अनुसार डामोहम्मद फैसल ने वार्ता के

समापन पर मीडिया से कहा, “14 मार्च को भारत के अटारी में हुई पहली बैठक के बाद

इस बैठक में चर्चा आगे बढ़ी। हमने प्रस्तावित मसौदा समझौता पर गहराई से और

रचनात्मक चर्चा की एवं बाबा गुरु नानक की 550वीं जयंती के समय करतारपुर साहिब गलियारे के

संचालन के लिए प्रक्रिया को तेजी से अंतिम अंतिम रूप देने पर सहमत हुए।

” डॉ फैसल ने कहा कि इस दौरान तकनीकी विवरण पर भी चर्चा की गई।

उन्होने ‘अंतरराष्ट्रीय (राजनयिक) मानदंडो’ के कारण इससे संबंधित जानकारियां साझा करने से परहेज किया।

तकनीकी चीजों में भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के प्रवेश की एक प्रक्रिया,

उनकी मुद्रा सीमा, परिवहन, चिकित्सा आपातकालीन सुविधाएं और गुरुद्वारा दरबार साहिब में

रूकने की अवधि शामिल है। डॉ फैसल ने कहा, “दोनों पक्षों के बीच करतारपुर गलियारे को

खोलने से संबंधित 80 फीसदी और उससे अधिक बिंदुओं पर आम सहमति बन गई है

जबकि शेष 20 फीसदी मुद्दों पर जल्द ही एक और होने वाली बैठक में चर्चा होगी।

” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान नवंबर में बाबा गुरु नानक की 550वीं जयंती से पहले

पाकिस्तान का दावा है कि करतारपुर गलियारे को खोलने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है

करतारपुर गलियारे को लेकर दोनों देशों के बीच पहली वार्ता 14 मार्च को

अटारी-वाघा सीमा पर भारतीय क्षेत्र में हुई थी।

दूसरे दौर की बातचीत गत दो अप्रैल को होनी थी लेकिन पाकिस्तान द्वारा खालिस्तान समर्थक एवं

भारत विरोधी गोपाल सिंह चावला को बातचीत में शामिल किये जाने के बाद यह टाल दी गयी थी।

पाकिस्तान ने इसी महीने की दो तारीख को कहा था कि अब यह वार्ता 14 जुलाई को

वाघा में होगी। भारत की मांग को देखते हुए पाकिस्तान ने शु्क्रवार को

बातचीत के पैनल से हटा दिया। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि

भारत अपने क्षेत्र में जीरो प्वाइंट पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त यात्री टर्मिनल

तथा वहां से राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाला चार लेन वाला राजमार्ग बना रहा है।

इन दोनों का काम तेजी से चल रहा है और यह 31 अक्टूबर तक पूरा हो जायेगा।

गलियारे का काम 60 फीसदी पूरा हो चुका है और यात्री टर्मिनल का निर्माण प्री फेब्रिकेटिड स्ट्रक्चर के माध्यम से किया जा रहा है।

राजमार्ग का काम सितम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि भारत गुरु नानक देव के 550 वें प्रकाश उत्सव से पहले

31 अक्टूबर तक सभी काम पूरे करने के लिए प्रतिबद्ध है

उन्होंने बताया कि इस गलियारे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीन बार

तकनीकी स्तर की बातचीत हो चुकी है और इनमें विभिन्न मुद्दों पर व्यापक सहमति भी बनी है।

उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि गलियारे का काम किसी तरह पूरा हो औ

र इसके लिए सभी प्रयास किये जायेंगे। अधिकारियों ने कहा कि भारतीय क्षेत्र में बनाये जाने वाले

यात्री टर्मिनल पर एयरपोर्ट की तरह चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की जायेगी जिसमें अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और पहचान प्रणाली का इस्तेमाल किया जायेगा।

भारत चाहता है कि श्रद्धालु जिस दिन दर्शन के लिए जायें उसी दिन वापस लौट आयें।

इस दौरान इस बात का ध्यान रखा जायेगा कि जो श्रद्धालु वहां जा रहा है, वह वापस लौट रहा है या नहीं।

देश हित और यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जायेगा।

यात्री टर्मिनल में 10 बसों, 250 कारों और 250 दो पहिया वाहन की पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी।

यात्री परिसर में 5000 श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जायेगी। उनके आवागमन को सरल बनाने के लिए 54 काउंटर बनाये जायेंगे।

पन्द्रह एकड़ में बनाये जाने वाले इस परिसर और राजमार्ग तथा अन्य ढांचागत सुविधाओं पर कुल मिलाकर 500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

भारतीय क्षेत्र में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और 250 मजूदर तथा 30 इंजीनियर तीन शिफ्ट में काम कर रहे हैं।

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