अंतरिक्ष में बेशकीमती रत्नों से भरे हैं अनेक ग्रह

अंतरिक्ष में बेशकीमती रत्नों से भरे हैं अनेक ग्रह
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इस ग्रह पर पड़े हैं कीमती माणिक रत्न
लाल और नीला रंग बिखेर रहा है
आकार में पृथ्वी से पांच गुणा बड़ा
यहां से 21 प्रकाश वर्ष की दूरी पर




प्रतिनिधि

नईदिल्लीः अंतरिक्ष के बारे में अब हर रोज कुछ न कुछ नई जानकारी सामने आ ही जाती है। जैसे जैसे खगोल विज्ञान का विकास हो रहा है, अंतरिक्ष से आने वाले आंकड़ों के विश्लेषण से यह जानकारियां सामने आती हैं। इस बार एक ऐसे विशाल ग्रह का पता चला है, जहां हमारी हिसाब के बेशकीमती रत्न भी पत्थरों की भांति पड़े हुए हैं। वैज्ञानिकों ने इस ग्रह की पहचान एचडी 219134 के नाम से की है। इस ग्रह पर बेशकीमती रत्नों के अलावा काफी मात्रा में कैल्सियम और अल्युमिनियम ऑक्साइड के साथ साथ लोहा भी होने की उम्मीद जतायी गयी है।

यह नया ग्रह आकार में पृथ्वी से करीब पांच गुणा बड़ा है। अनुमान के मुताबिक यह पृथ्वी से करीब 21 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। दरअसल यह हमारे सौर मंडल से बाहर के एक अन्य सौरजगत का हिस्सा है। जिसे अब अंतरिक्ष टेलीस्कोप की मदद से देखा जा रहा है। ग्रह से मिलने वाले आंकड़ों के विश्लेषण से वहां रोशनी के विकिरण की वजह से उसकी सतह पर कीमती रत्न पड़े होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

खगोल दूरबीन से हो रही है जांच

इसकी गतिविधियों पर नजर रखने वालों को यहां से लौटकर निकलने वाली किरणों में लाल और नीली रोशनी दिखाई पड़ रही है। इसी वजह से वहां दो किस्म के रत्नों को होने का यह अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। प्रारंभिक गणना के मुताबिक हमारे सौर मंडल के बाहर के हिस्से में स्थित यह विशाल ग्रह भी अपने मूल तारे का चक्कर काट रहा है।

ज्यूरिख के विश्वविद्यालय के खगोल पदार्थ वैज्ञानिक कैरोलिन डोर्न के मुताबिक वहां से निकलने वाली रोशनी तथा अल्युमिनियम ऑक्साइड की मौजूदगी वहां बेशकीमती रत्नों का प्रचुर भंडार होने का संकेत देती है। उनके साथ काम करने वाली टीम ने इसी तरीके के तीन अन्य ग्रहों की भी पहचान करने में सफलता पायी है।

इनमें से कुछ की उत्पत्ति हमारे सूर्य की तरह हुई है। कुछ नये तारों के चारों तरफ अब भी धूल, ताप और गैस का वलय बना हुआ है। इससे समझा जाता है कि उनका जन्म जल्द यानी कुछ लाख वर्ष पूर्व ही हुआ है। बाद में यह वलय धीरे धीरे गायब हो जाते हैं और पृथ्वी के जैसा ग्रह अपनी धुरी पर चक्कर लगाता रहता है।

अंतरिक्ष के इन ग्रहों की धीरे धीरे हो रही है पहचान और खोज

इन्हीं में से अनेक में पृथ्वी की जरूरतों के हिसाब से काफी अधिक मात्रा में वैसे खनिज और तत्व हैं, जो यहां के लिहाज से बेशकीमती भी समझे जाते हैं। वैज्ञानिक यह मान रहे हैं कि अलग अलग तारों और ग्रहों के जन्म के आकार और कारण भी अलग अलग होते हैं। इस वजह से प्रचंड ताप से  निकलने के बाद उनमें अलग अलग किस्म के धातु और तत्व विकसित होते हैं। इनमें से अधिकांश इस धरती पर पाये जाने वाली बेशकीमती रत्नों के जैसा ही है। लेकिन वर्तमान में वहां तक पहुंच पाना इंसान के वश में नहीं है। वैसे वैज्ञानिक यह मानते हैं कि अंतरिक्ष में एक सौर मंडल से दूसरे तक पहुंचने की विधि के विकास के बाद यहां पहुंच पाना संभव होगा। लेकिन वहां के गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के मुकाबले दस से 20 प्रतिशत तक कम भी हो सकते हैं।

1 thought on “अंतरिक्ष में बेशकीमती रत्नों से भरे हैं अनेक ग्रह

  1. Yeh ratan nahi , us planet pe rehne waale Aliens ne badi badi lights laga rakhi Hain , yeh lights hi chamkti huye chamkeele ratanon ya diamonds ki tarah lag rahi Hain .

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