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हमारे राज्य के कई इलाकों में बांग्लादेशियों का कब्जाः हिमंत बिस्वा सरमा

  • बांग्लादेशियों की पहचान करेगी वर्तमान राज्य सरकार

  • कांग्रेस ने वोट बैंक के लिए गलत काम को बढ़ावा दिया

  • ढोलपुर शिव मंदिर जाकर खुद पूजा अर्चना भी की

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : हमारे राज्य के की ढेर सारी जमीन पर बांग्लादेशियों ने कब्जा कर लिया है।

वोट बैंक के कारण असम के पिछली कांग्रेस सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी , सरकार

की हिम्मत नहीं थी कि वह कोई कार्रवाई करें। 2011 के जनगणना आंकड़ों के अनुसार

असम के 27 जिलों में से 11 कुछ साल पहले पिछली कांग्रेस सरकार ने बांग्लादेशी

घुसपैठियों को स्थानीय नागरिक बनाने के लिए कानून बदल दिया। चूंकि वे कांग्रेस के

वोटर थे। बांग्लादेशियों को लगा कि वोट बैंक के जरिए वह भी कुछ कर सकते हैं। वोट बैंक

के कारण कांग्रेस सरकार उनका ही समर्थन करेगी। इसका सबसे भयावह नतीजा .यह है

कि असम के सीमा वाले इलाके में बांग्लादेशी मुसलमानो में आबादी बढ़ाने की होड़ मची

हुई है।अब इसे देखते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार कुछ कदम उठा रही है। असम के

मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की

है।

हमारे राज्य की जमीन पर अवैध कब्जा हटायेंगेः मुख्यमंत्री

असम की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले संदिग्ध बांग्लादेशी लोगों के खिलाफ

कार्रवाई करने का एलान किया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत विश्व सरमा ने दर्रांग जिले के

सिपाझार में गोरखुटि का दौरा किया और उन क्षेत्रों का निरीक्षण किया जिस पर अवैध रूप

से बसे लोगों ने कब्जा कर लिया था। मंदिरों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने की राज्य

सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम की जमीन, पहचान,

संस्कृति, भाषा और विरासत को घुसपैठियों से बचाने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।

गोरखुटि पहुंचने के बाद सरमा एक नाव में बैठकर ढोलपुर शिव मंदिर गए जो एक पहाड़ी

पर स्थित है।

नाव पर बैठकर ढोलपुर शिव मंदिर गये मुख्यमंत्री सरमा

एक आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना की और प्रबंधन

समिति के लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा

गया, “शिव मंदिर की 180 बीघा जमीन में से कुल 120 बीघे पर अवैध रूप से बसे लोगों ने

कब्जा कर लिया था और इस भूमि को पुलिस तथा जिला प्रशासन द्वारा मुक्त करा लिया

गया है। संवाददाताओं से बात करते हुए सरमा ने पुलिस तथा जिला प्रशासन के प्रयासों

की सराहना की और अतिक्रमण करने वाले बाकी लोगों से आह्वान किया कि वे खुद

जमीन छोड़ कर चले जाएं। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक शिव मंदिर को सुरक्षित और

संरक्षित रखने के लिए सारे कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रबंधन

समिति को आश्वासन दिया कि मंदिर के चारों तरफ दीवार बनाई जाएगी, मणिकूट

स्थापित किया जाएगा और एक अतिथि गृह का निर्माण किया जाएगा।

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