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ओडिसा में भी लागू नहीं होगा एनआरसी पटनायक का बयान

  • संसद में समर्थन के बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का बयान
  • चार दिवसीय यात्रा में दिल्ली पहुंचे हैं मुख्यमंत्री
  • तीन राज्यों ने पहले ही दर्ज कराया है विरोध
  • राजग खेमा के अन्य दलों पर पड़ेगा असर
रासबिहारी

नईदिल्लीः ओडिसा में एनआरसी लागू नहीं किया जाएगा। संसद में

नागरिकता  संशोधन विधेयक का समर्थन करने के बाद ओडिसा के

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने यह एलान कर दिया। इस घोषणा से

केंद्र के फैसले का विरोध करने वाले राज्यों की संख्या बढ़कर अब चार

हो गयी है। इससे पहले पश्चिम बंगाल, पंजाब और केरल इसके प्रति

अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। पश्चिम बंगाल में खुद मुख्यमंत्री

ममता बनर्जी इसके विरोध में मार्च तक निकाल चुकी हैं।

अपने चार दिवसीय दौरे पर नईदिल्ली पहुंचने के बाद श्री पटनायक ने

पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए अपनी पार्टी को भाजपा के इस

एजेंडा से अलग करने की घोषणा कर दी। उन्होंने साफ साफ कहा कि

इस मुद्दे पर वह केंद्र सरकार के समर्थन में अब खड़े नहीं होंगे। ओडिसा

के स्पष्ट बयान के बाद अब नये सिरे से राजग के खेमा में खड़े अन्य

दलों को भी नये सिरे से बहस करने अथवा अपना फैसला लेने का

अवसर प्राप्त हो गया है।

इस मुद्दे पर संसद में प्रस्ताव का समर्थन करने वाली जदयू के भीतर

भी इस विषय को लेकर मतभेद की स्थिति है। पार्टी के उपाध्यक्ष

प्रशांत किशोर ने सार्वजनिक तौर पर पार्टी के इस फैसले का विरोध

किया है। उनके विरोध के बाद पार्टी के अन्य नेताओं ने उनकी

आलोचना की थी। इससे नाराज होकर प्रशांत किशोर बिहार के

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना त्यागपत्र सौंपने चले गये थे।

लेकिन श्री कुमार ने प्रशांत किशोर का त्यागपत्र स्वीकार नहीं

किया है।

ओडिसा में बीजेडी अपनी छवि बनाये रखना चाहती है

वैसे श्री पटनायक के बयान के साथ साथ बिजू जनता दल के प्रवक्ता

ने स्पष्ट किया है कि पार्टी एनआरसी के विरोध में है क्योंकि इसमें

भेदभाव की बू आती है। सीएए से भारतीय को कुछ लेना देना नहीं है,

इसलिए पार्टी को इस नागरिकता कानून से कोई विरोध भी नहीं है।

समझा जा रहा है कि ऐसा कर बिजू जनता दल के नेता नवीन

पटनायक अपनी सेक्यूलर छवि को बनाये रखना चाहते हैं।

वैसे भाजपा की तरफ से इस एनआरसी को भी अभी चुनाव प्रचार का

मुद्दा बनाये रखा गया है। महाराष्ट्र में भी भाजपा ने इसी मुद्दे के अलावा

कश्मीर से धारा 370 हटाने जैसे विषयों पर चुनाव प्रचार किया था।

झारखंड में जारी विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी पार्टी

अध्यक्ष अमित शाह बार बार इस मुद्दे पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने यहां

तक कहा है कि वर्ष 2024 तक सभी अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर

निकाल दिया जाएगा।

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