fbpx Press "Enter" to skip to content

ओरमांझी की बेटी को मिला हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से फुल स्कॉलरशिप




  • मोहसीन आलम

ओरमांझीः ओरमांझी की बेटी ने फिर से यह साबित कर दिखाया है कि अगर इच्छाशक्ति

हो तो कठिन से कठिन लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है। उस लड़की को हार्वर्ड

यूनिवर्सिटी से पूरी स्कॉलरशिप मिली है, जिसका कभी लोग फुटबॉल खेलने के लिए

शॉर्टस पहनने की वजह से मजाक उड़ाया करते थे। ओरमांझी की बेटी सीमा कुमारी ने इस

लिहाज से झारखंड का नाम भी रौशन किया है।

वीडियो में देखिये उसने इस बारे में क्या कहा

सबसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में से एक हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप जो हासिल की

है। ऐसे में हर कोई सीमा की जमकर तारीफ कर रहा है। बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा

और महानायक अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या नवेली नंदा ने भी सीमा की काफी

सराहना की है। सीमा रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड स्थित  एक छोटे से गांव डहु की रहने

वाली हैं। उनके मां-बाप अनपढ़ हैं। वो खेती का काम करते हैं। साथ ही, एक धागा कारखाने

में भी काम करते हैं। सीमा साल 2012 में युवा की फुटबॉल टीम में शामिल हुई। फुटबॉल

टीम में शामिल होने के बाद सीमा ने शिक्षा के अधिकार और बाल विवाह के खिलाफ जंग

छेड़ी। शॉर्ट्स पहने को लेकर उनका मजाक भी उड़ाया गया। लेकिन इन बातों की परवाह

किए बिना सीमा सालों तक फुटबॉल खेलती रहीं। वह एक विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने

वाली अपने परिवार की पहली महिला होगीं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की गिनती विश्व के सबसे

प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में होती है। इस बार ज्यादा संख्या में अप्लीकेशन होने के कारण

यूनिवर्सिटी ने केवल केवल 3।4% को मौका दिया। इसके बावजूद सीमा स्कॉलरशिप

हासिल करने में कामयाब रहीं।

ओरमांझी की बेटी कई के लिए प्रेरणा बनेगी

आपको बता दें झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों घर में युवा नाम की स्वयंसेवी संस्था काम कर

रही है। यह संस्था गरीब लड़कियों को फुटबॉल सिखाती है और इसके जरिए उनकी जिंदगी

को बेहतर बनाने में जुटी है। युवा के संस्थापक फ्रांज गैस्टलर अमेरिकी नागरिक हैं। फ्रांज

साल 2007 से भारत आए थे और झारखंड के रांची में साल 2009 में उन्होंने युवा नाम की

संस्था बनाई। इसके करीब 3 साल बाद रोज गैस्टलर थॉमसन भी इस संस्था से जुड़ गईं।

वह स्कूल में वंचित तबके की लड़कियों को पढ़ाती हैं। इस संस्था से जुड़ी लड़कियां कई

मौकों पर देश-विदेश में झारखंड का नाम रोशन कर चुकी हैं। परिवार में जन्मी ओरमांझी

की सीमा ने साल 2012 में युवा फुटबॉल टीम जॉइन किया और इसके बाद सीमा ने बाल

विवाह के गांव खिलाफ झंडा उठा आवाज बुलंद किया। शिक्षा के अधिकार के लिए आवाज

उठाने के साथ-साथ सीमा कई सालों तक फुटबॉल खेलती रही। अब वो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी

में पहुंचेगी। जाहिर है कि ओरमांझी की बेटी की इस सफलता से कई अन्य लड़कियों को भी

आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।



Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from रांचीMore posts in रांची »
More from वीडियोMore posts in वीडियो »
More from शिक्षाMore posts in शिक्षा »

Be First to Comment

... ... ...
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: