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यूपी के ओरैया में हुए सड़क हादसे में बोकारो जिले के 8 मजदूरों की मौत, पसरा मातमी सन्नाटा

बोकारो : यूपी के ओरैया में हुए सड़क हादसे में बोकारो जिले के 8 लोगों के

मौत हुई है। जिनमें जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के गोपालपुर पंचायत के रहने

वाले सात लोगों मौत उत्तर प्रदेश के औरैया जिला के चिरूहरि के पास दो ट्रकों

के टक्कर में हो गयी। जबकि एक अन्य जिले के चंदनकियारी के बाबूडीह का

है। मृतकों में से चास गोपालपुर, दो खीराबेड़ा और एक बाबूडीह गांव का

निवासी था। सभी मजदूर राजस्थान में मार्बल फैक्ट्री में काम करते थे। इधर,

घटना की खबर मिलने के बाद बोकारो के पिंड्राजोरा स्थित गोपालपुर,

खीराबेड़ा और आसपास के गांवों में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर

बुरा हाल है। बताते चलें कि दो दिन पहले ही सभी राजस्थान से निकले थे। पैदल

चलते हुए पुलिस ने पकड़ा तो ट्रक में बिठा दिया। उसके ट्रक के ड्राइवर ने

सभी को झंसी से पहले उतार दिया। इसके बाद मजदूर दूसरे ट्रक पर सवार

होकर आ रहे थे। वहीं उत्तर प्रदेश के औरेया में शनिवार सुबह 3.30 बजे के

बीच मजदूरों से भरी ट्रक को एक अन्य ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस

हादसे में बोकारो की सात मजदूरों की मौत हो गई है। जबकि अन्य मजदूर

घायल हो गये। साथ ही अंधेरा होने की वजह से मजदूरों को मदद मिलने में देरी

हुई। इसलिए कई मजदूरों की इलाज के अभाव में मौत हो गई। इधर, ग्रामीण

सूत्रों के अनुसार इनके अलावा रंजन कालिंदी, उमेश कालिंदी, विकास

कालिंदी, योगेश्वर कालिंदी, निरोध कालिंदी के नाम मृतकों में शामिल हैं।

यूपी में इन मजदूरों की हुई मौत

जिला प्रशासन ने यहां आधिकारिक तौर पर तत्काल सात लोगों की पुष्टि की है।

इनमें गोपालपुर ग्राम निवासी राहुल सहीस, राजाराम गोस्वामी, सोमनाथ

गोस्वामी व उत्तम गोस्वामी, पिंड्राजोरा निवासी डॉक्टर महतो एवं खीराबेड़ा के

रहने वाले कनिलाल महतो व गोवर्धन कालिंदी के नाम शामिल हैं। राहुल सहीस

11 मई को ही पिता बना था और अपने बच्चे को देखने व उसके छठी समारोह

में शामिल होने के लिए पैदल ही बोकारो आने के लिए निकल पड़ा था।

पिता से हुई थी फोन में बात, मिली मौत की खबर

मृतक राहुल सहीस के पिता विभूती सहीस ने बताया कि दादा बनने पर मैं

काफी खुश था। अपने बेटे को फोन पर उसे पिता बनने की खुशखबरी सुनाई

थी और बच्चे की 17 मई को होने वाली छठी में आने के बारे में पूछा था। राहुल

ने कहा था, वो आ जाएगा। पर एक दिन पहले ही बेटे की मौत की खबर आ

गई। राहुल पत्नी को गांव में छोड़ छह महीने पहले ही राजस्थान गया था।

तीनों गांव में पसरा है मातमी सन्नाटा

सड़क हादसे में मारे जाने की खबर जैसे ही गोपालपुर, खीराबेडा और बाबूडीह

में पहुंची। हर तरफ रोने की आवाज सुनाई देने लगी। यह आवाज कभी काफी

अधिक हो रही थी, तो कभी पूरा माहौल शांत हो जा रहा था। शाम को पूरा गांव

मातम में डूबा हुआ दिख रहा था। हर लोग अपने घरों के सामने अब उनकी

शवों के इंतजार में बैठे हुए थे। लोगों के बीच मौत की खबर भी भ्रम जैसी लग

रही थी। कभी गांव में आठ की मौत बात हो रही थी, तो कभी 11 लोगों की।

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