Press "Enter" to skip to content

एसआईटी की रिपोर्ट में साजिश के तहत हत्या के बाद फंसी हुई है केंद्र सरकार




  • मंत्री के इस्तीफे को लेकर लोकसभा में हंगामा
  • दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा
  • लखीमपुर खीरी की रिपोर्ट दाखिल
  • केंद्रीय मंत्री पर उठ गयी है ऊंगली

नयी दिल्ली: एसआईटी की रिपोर्ट में पूर्व की सारी सरकारी दलीलों को खारिज किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक लखीमपुर खीरी की घटना साजिशन हत्या का ही मामला है। यह रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी के इस्तीफे की मांग पर केंद्र सरकार को विपक्ष ने घेर लिया।




लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा उर्फ टेनी के इस्तीफे की मांग करते हुए आज भारी हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे फिर शुरू हुई तो पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल ने आवश्यक कागज सदन के पटल पर रखवाए। इसी बीच, कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी तथा अन्य प्रमुख विपक्षी दलों के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े हो गये और हाथों में तख्तियां लेकर गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी की मांग करने लगे।

पीठासीन अधिकारी ने हाथों में ‘मोदी टेनी को हटाओ, गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करो, जैसे नारे लिखी तख्तियां हाथों में लेकर सदन के बीचोबीच आ गये और नारेबाजी करने लगे। पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों से कहा कि उनकी मांग पर ही सदन में महंगाई पर चर्चा होनी है, इसलिए वे अपनी जगहों पर बैठ जाएं लेकिन किसी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया।




एसआईटी की रिपोर्ट में मंत्री को भी जिम्मेदार माना गया

हंगामा बढ़ता गया तो श्री अग्रवाल ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने लखीमपुर खीरी में अक्टूबर महीने में जीप से पांच किसानों की हत्या के मामले में श्री मिश्रा को जिम्मेवार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अपनी-अपनी सीट पर जाने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रश्नकाल में महत्वपूर्ण विषय चल रहा है। किसी भी सदस्य को अपनी बात रखनी है तो वह प्रश्नकाल के बाद अपनी बात रखें। सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। यह अच्छी परंपरा नहीं है।

प्रश्नकाल के बाद विषय उठाने की अनुमति दी जाएगी। श्री बिरला ने हंगामे की बीच प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की लेकिन हंगामा नहीं रुका। इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अभी कोरोना वायरस संक्रमण पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है और विपक्षी सदस्य बिना मास्क लगाये सदन के बीचोबीच अधिकारियों के पास हंगामा कर रहे हैं, यह उचित नहीं है।

उन्होंने विपक्षी सदस्यों को मास्क लगाने के आदेश देने के लिए अध्यक्ष से आग्रह किया। श्री जोशी की ओर से मास्क लगाने की बात कहने पर हंगामा तेज हो गया। श्री बिरला ने पुन: सदस्यों से शांति बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा कि यह सदन स्वस्थ चर्चा करने के लिए है। यहां तख्तियां लहराने और नारेबाजी करने के लिए आप नहीं आये हैं। हंगामा बढ़ते देख उन्होंने सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी।



More from HomeMore posts in Home »
More from उत्तरप्रदेशMore posts in उत्तरप्रदेश »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from राजनीतिMore posts in राजनीति »

2 Comments

  1. […] केंद्र सरकार पहले से ही अपनी पहल की वजह से अपने ही देश के अनेक नागरिकों को विदेशी घोषित कर अब नुकसान की भरपाई के लिए आनन फानन में गलत फैसले ले रही है। आज इस मुद्दे पर विपक्ष ने जबर्दस्त तरीके से विरोध किया। इसके तहत गैर नागरिकों को भी चुनाव का मौका देने की सरकार की चाल से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है, यह बात भी कही गयी। […]

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.
%d bloggers like this: