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तिरंगा फहराने की सजा दी नगा युवक को




  • आतंकवादियों के हमले में अधमरा हुआ युवक

  • नगा समस्या के शीघ्र समाधान की अपील

  • शांति का संदेश फैलाने में हमले का शिकार

  • तिरंगे के साथ साथ नगा ध्वज लेकर चला

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः तिरंगा फहराने की सजा एक नगा युवक को भीषण तौर पर मिली है। वहां के

आतंकवादियों के हमले में एक नगा युवक अधमरा हो गया है। उसे पीट पीटकर मौत के

घाट उतारने की साजिश हुई थी। इस नगा युवक का अपराध सिर्फ इतना था कि उसने

मनाही के बाद भी तिरंगा फहराया था। इस घटना के बाद नागालैंड के मुख्यमंत्री, विपक्षी

नेता ने नागा मुद्दे के शीघ्र समाधान के लिए फोन किया। इस दौरान, नागालैंड में शांति का

संदेश फैलाने के लिए मणिपुर के एक नागा युवा वाईएस मशुगामी, जो कथित तौर पर

एनएससीएन (आईएम) के आतंकवादियों द्वारा कल शाम को पीट पीटकर अधमरा कर

दिया है। बता दें कि हेब्रोन नागालैंड के वाणिज्यिक केंद्र दीमापुर से 35 किलोमीटर दूर है।

सूत्रों ने कहा कि एनएससीएन (आईएम) के कैडरों ने अपने शांति मार्च के दौरान माशुंगामी

पर कब्जा कर लिया और उसे हेब्रोन ले गए। उसके बाद शांति का संदेश फैलाने के लिए

पैदल यात्रा करने वाले मणिपुर के एक नागा युवा वाईएस माशूगमी को पीट-पीटकर मौत

के घाट के गलियारे तक पहुँचा दिया । भारतीय राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा के प्रति

सम्मान दिखाने के लिए उसे बेरहमी से प्रताड़ित किया है। एनएससीएन (आईएम) के

विद्रोहियों ने कथित तौर पर शांति मार्च के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को ले जाने के

लिए राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। एक हाथ में राष्ट्रीय

ध्वज यानी तिरंगा लेकर और उसकी पीठ पर नागा ध्वज के साथ, दिसंबर को मश्ममी

दीमापुर से चल रहे थे। 8 और अगले दिन कोहिमा पहुंचा। उन्होंने नागालैंड में राजनीतिक

उथल-पुथल से परेशान होकर यात्रा शुरू की थी। तन्खुल नागा जनजाति से ताल्लुक रखने

वाले युवक, मणिपुर के उखरूल जिले के तेनीम गांव के रहने वाले हैं। यह दीमापुर में पले-

बढ़े है।

तिरंगा फहराने वाला युवक समाज में परिचित है

जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-

खापलांग (एनएससीएन – के) पर प्रतिबंध को हटा दिया है लेकिन साथ में यह भी कहा कि

एनएससीएन – के की गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो हिंसा,

आतंकवादी और अलगाववादी गतिविधियों में बढ़त होगी। केंद्र ने एनएससीएन – के को

गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर गैरकानूनी संगठन के रूप में घोषित किया है। दूसरी

ओर, इस स्थिति में नागालैंड के मुख्यमंत्री नीफिउ रियो और विपक्षी नेता टीआर

जेलियांग ने संयुक्त रूप से केंद्र और विभिन्न संगठनों से नागा राजनीतिक मुद्दे के जल्द

समाधान के लिए अपील की है। उन्होंने चल रही शांति वार्ता में तेजी लाने के लिए केंद्र के

सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की। दोनों नेताओं ने कहा कि उन्होंने शांति और

एकता के लिए संयुक्त बयान जारी किया है। उन्होंने शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार,

केंद्र और नगा संगठनों से शांति वार्ता में भाग लेने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे “जल्द

समाधान के लिए पहुंचें”, जिससे क्षेत्र के लोगों में समृद्धि आए। दोनों नेताओं द्वारा 20

अक्टूबर को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के बाद संयुक्त

बयान दिया गया था। श्री रियो ने हाल ही में कहा था कि उनकी सरकार केंद्र और वार्ता दलों

के बीच एक “सक्रिय सूत्रधार” की भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार,

राजनीतिक विद्रोह का समाधान नागाओं के लिए सम्मानजनक, समावेशी और स्वीकार्य

होना चाहिए।राज्य सरकार ने सभी नागरिक समाज संगठनों, राजनीतिक दलों, पूर्व

सांसदों और सार्वजनिक नेताओं के प्रतिनिधियों के साथ एक परामर्श बैठक बुलाई थी।

साझा बयान में समस्या के समाधान की बात है

तिरंगा फहराने की इस घटना के बाद संयुक्त बयान में कहा गया है कि विपक्षी एनपीएफ

ने 15 अक्टूबर की बैठक के दौरान अपनाए गए प्रस्तावों की सामग्री और भावना को

स्वीकार किया और “नागा मुद्दे के समाधान के लिए सभी पहलों को सक्रिय रूप से समर्थन

देने के लिए प्रतिबद्ध है”।राज्य सरकार ने 14 सितंबर को राजनीतिक मामलों के मिशन के

बैनर तले एक बैठक में अपनाई गई एनपीएफ पार्टी के प्रस्ताव की भी सराहना की।



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