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महिला उद्यमी विषय पर जदयू के वर्चुअल सम्मेलन में एक हजार नेत्रियां




  • जूम ऐप के माध्यम से जुड़ी, एक लाख चौदह हजार लोगों ने फेसबुक पर देखा लाइव

  • जदयू नेत्रियों के साथ 5 महिला उद्यमियों के विशिष्ट पैनल ने भी दिया व्याख्यान

आशीष कुमार

पटना : महिला उद्यमी विषय पर आयोजित जदयू का वर्चुअल सम्मेलन सफलतापूर्वक




सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन के उद्घाटनकर्ता व मुख्य अतिथि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष

आरसीपी सिंह थे, जबकि इसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने की। इस

मौके पर जदयू मुख्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में बिहार सरकार की खाद्य एवं

उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेसी सिंह, परिवहन मंत्री श्रीमती शीला मंडल, प्रदेश

उपाध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार आर्य, प्रदेश महासचिव चंदन कुमार सिंह, जदयू मीडिया सेल

के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, महिला जदयू की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. श्वेता विश्वास, जदयू

समाज सुधार वाहिनी की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ललिता, जदयू प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेश

अध्यक्ष सुनील कुमार एवं जदयू बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मनीष बरियार मौजूद

रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमरदीप ने किया। इस आयोजन से जूम ऐप के माध्यम

पूरे राज्य से पार्टी की 1000 महिला पदाधिकारी जुड़ी थीं, वहीं विभिन्न फेसबुक पेज के

माध्यम से लगभग एक लाख चौदह हजार लोगों ने इसे लाइव देखा। इस मौके पर राष्ट्रीय

अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि बिहार में आज महिलाएं परवशता की जंजीर तोड़कर

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। इस रास्ते में उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना

करना पड़ेगा लेकिन उन्हें निर्भीक होकर आगे बढ़ना है। इसके लिए पूरी पार्टी, पूरा संगठन

और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पूरी सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि

नीतीश कुमार के रहते बिहार में लिंग, जाति, वर्ग या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव

मुमकिन नहीं। हमारे नेता ने आधी आबादी के हौसलों को नई उड़ान दी है। उनकी

परवशता, गुलामी और दासता की जंजीर को उन्होंने तोड़ा है। आरसीपी सिंह ने कहा कि

महिलाएं कोई वस्तु, कोई सम्पत्ति नहीं, उनका अपना व्यक्तित्व है, अपना जीवन है,

अपनी जीवंतता है।

महिला उद्यमी विषय में नारी सशक्तीकरण भी अहम बात

इसे हमारे नेता श्री नीतीश कुमार ने समझा और लोहिया जी जिस नर-नारी समानता की

बात करते थे, आधी आबादी के लिए जिन बुनियादी सुविधाओं की वे बात करते थे, उसे

बिहार में संभव करके दिखाया। उन्होंने कहा कि किसी भी विकसित राज्य या देश को देख




लें, आप पाएंगे कि वे विकसित इसलिए हैं क्योंकि वहां की महिलाएं विकसित हैं और वहां

का लिंगानुपात (Sex Ratio) ठीक है। न्याय के साथ विकास या समावेशी विकास की

कल्पना महिलाओं के उत्थान के बिना मुमकिन ही नहीं। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह

कुशवाहा ने कहा कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा महिलाओं के समग्र उत्थान के

लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक एवं युगांतरकारी काम हुए हैं।

नीतीश कुमार का स्पष्ट विजन है कि बिहार की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा

मिलाकर बिहार के विकास में अहम योगदान दें। पंचायत और स्थानीय निकायों में

महिलाओं को 50% आरक्षण देकर उन्होंने महिला सशक्तिकरण की बुनियाद रखी और

फिर सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण देकर उन्हें पुरुषों के बराबर ला खड़ा किया। वहीं,

जीविका के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने का अभूतपूर्व कार्य उन्होंने किया।

कार्यक्रम की विशेषता रही कि इसे खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह,

परिवाहन मंत्री शीला मंडल, महिला जदयू की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. श्वेता विश्वास एवं जदयू

समाज सुधार वाहिनी की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ललिता के साथ ही महिला उद्यमियों के

विशिष्ट पैनल ने भी संबोधित किया। इस पैनल में सुप्रिया शर्मा , रश्मि सिन्हा, अनुपमा

सिंह , सुभद्रा सिंह तथा आकांक्षा श्री शामिल थीं। जदयू नेत्रियों ने जहां महिलाओं के लिए

नीतीश सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला, वहीं महिला उद्यिमियों के

पैनल ने उद्यम से जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक विषयों पर व्याख्यान दिया।

आरसीपी सिंह ने मीडिया से भी बात चीत की

कार्यक्रम के उपरांत मीडियाकर्मियों से बातचीत के क्रम में उनके सवालों का जवाब देते हुए

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आरसीपी ने कहा कि बिहार में हमलोग पूरी तरह मजबूत और एकजुट

है। हमारी सरकार को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के

नेतृत्व में सरकार पूरे 5 साल चलेगी। सिवाय निराशा के विपक्ष के हाथ कुछ नहीं आएगा।

सरकार गिरने-गिराने को लेकर अगर कोई दावा किया जा रहा है, तो वह पूरी तरह

बेबुनियाद है।



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