fbpx Press "Enter" to skip to content

आदमखोर तेंदुआ के पकड़े जाने की सूचना पर पुष्टि नहीं

  • इलाके में अचानक बढ़ गया है तेंदुआ का आतंक

  • पहले भी मवेशियों पर अक्सर हमला करते थे

  • एक युवती पर हमला करते लोगों ने देखा था

प्रतिनिधि

अलीपुरदुआरः आदमखोर तेंदुआ ने पूरे इलाके में आतंक मचा रखा

था। अब एक विशाल आकार के तेंदुआ के जाल में फंसने के बाद यह

उम्मीद की जा रही है कि शायद यह आदमखोर तेंदुआ ही है। यहां के

मादारीहाट गेरगांडा चाय बगान के इलाके में यह बहुत बड़ा तेंदुआ

पकड़ा गया है। यूं तो इन इलाकों में अचानक ही तेंदुआ समूह की

गतिविधियां काफी बढ़ गयी हैं। लेकिन कई लोगों को तेंदुआ द्वारा खा

लेने की घटना के बाद यह माना गया है कि इलाके में कोई न कोई

आदमखोर तेंदुआ भी है। अब जो तेंदुआ पकड़ा गया है उसके आकार

को देखकर लोग यह अनुमान लगा रहे हैं कि यह आसानी से इंसानों

पर हमला कर उन्हें मार भी सकता है क्योंकि यह औसत तेंदुआ के

आकार से काफी बड़ा है। पिछले कई महीनों से इस इलाके के लोग

आदमखोर तेंदुआ के आतंक से परेशान थे। यूं तो तेंदुआ अक्सर ही

यहां के चाय बगानों में घुस आते हैं। कई बार लोगों के साथ उनका

आमना सामना भी होता है। ऐसी स्थिति में इंसान पर हमला करने के

बाद तेंदुआ भाग जाता है। रात के अंधेर में यह जंगली जानवर

मवेशियों का शिकार करने आता है। इस बार लगातार तेंदुआ द्वारा

लोगों को मारकर खा लेने की घटना प्रकाश में आने के बाद आदमखोर

तेंदुआ का आतंक छा गया था।

आदमखोर तेंदुआ का आतंक और विभाग दवाब में

पिछले 17 दिसंबर को एक 18 साल की लड़की पर तेंदुआ ने हमला

किया था। लोगों ने इस घटना को अपनी आंखों से देखा था। मादारीहाट

के इसी गारगेंडा चाय बगान से तेंदुआ जिस युवती को पकड़ ले गया

था. उसकी लाश तुलसीपाड़ा चाय बगान के इलाके में मिली थी। इसके

बाद यह तय हो गया था कि इलाके में कमसे कम एक आदमखोर

तेंदुआ मौजूद है। आम तौर पर तेंदुआ अथवा दूसरे बाघ प्रजाति के

जानवर इंसानों पर हमला नहीं करते। लेकिन अगर एक बार ऐसे

जानवरों को इंसानी मांस का स्वाद लग जाये तो सबसे आसान शिकार

होने की वजह से वे बार बार इंसानों को ही अपना निशाना बनाते हैं।

वन विभाग के लोगों पर भी इसका काफी दवाब था। आस पास के

रामझोड़ा, धुमचीपाड़ा सहित कई इलाकों में तेंदुआ देखे जाने की

लगातार शिकायत मिल रही थी। इसी क्रम में आज सुबह चार नंबर

सेक्शन के इलाके में लगाये गये एक पिंजरे में यह बड़ा तेंदुआ बंद पाया

गया। लंकापाड़ा रेंज के वन कर्मी इस तेंदुआ को पिंजरे में बंद कर

खैरबाड़ी ले गये हैं। वहां इस बात की पुष्टि की जाएगी कि वाकई यह

तेंदुआ आदमखोर है अथवा नहीं। इलाके के रेंज अफसर विश्वजीत

मानते हैं कि सिर्फ देखकर यह नहीं माना जा सकता कि यह

आदमखोर तेंदुआ है। इसलिए जांच की जरूरत है। अलबत्ता इतने बड़े

आकार का तेंदुआ इससे पहले कभी नहीं पकड़ा गया है। पिछले करीब

डेढ़ महीने से आदमखोर तेंदुआ को पकड़ने के लिए वन विभाग के लोग

भी काफी कोशिश कर रहे थे।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Be First to Comment

Leave a Reply

Open chat
Powered by