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दुमका से पकड़े गये नक्सली कमांडर की जमुई में मौत

जमुईः दुमका से पकड़े गये नक्सली की जमुई पुलिस कस्टडी में मौत हो गयी। भारत की

कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का जोनल कमांडर और दस पुलिसकर्मियों की हत्या का

मुख्य आरोपी कट्टर नक्सली सिद्धु कोड़ा पर एक लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित

था। उसके साथ दो माओवादियों को जमुई पुलिस ने कल झारखंड के दुमका से गिरफ्तार

किया था। इनके पास से अत्याधुनिक राइफल एके-47 एवं अन्य हथियार बरामद किए थे।

उन्होंने बताया कि सिद्धु कोड़ा से पूछताछ की जा रही थी तभी देर रात उसने पेट और सीने

में दर्द की शिकायत की जिसके बाद उसे इलाज के लिए स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ)

की टीम सदर अस्पताल ले गयी जहां इलाज के दौरान तड़के उसकी मौत हो गयी। जमुई

जिले के खैरा के जंगलों में रहने वाला सिद्दू कोड़ा नक्सली दस्ते में 1998 से ही सक्रिय रहा

था और उसपर खैरा थाना में कई नक्सलवाद की घटनाओं को अंजाम देने की प्राथमिकी

दर्ज है। काफी समय से पुलिस को उसकी तलाश भी थी। उसने अपने आस पास के इलाकों

में नक्सली आतंक फैला रखा था।

दुमका से पकड़े गये नक्सली का अपना घर चकाई था

गौरतलब है कि नक्सली संगठन के गुरिल्ला दस्ते का बड़ा नेता सिद्धू कोड़ा जिले के चकाई

के निहालडीह का रहने वाला था। नक्सली कमांडर पर जमुई एवं नवादा जिले के सीमावर्ती

इलाके के महुलियाटांड़ में पुलिस पर हमला करने का आरोप था, जिसमें 11 जवान शहीद

हो गये थे। इसके अलावा जमुई के सोनो थाना पुलिस बल पर हमला, जिसमें चार

पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। वहीं, जमुई जिले के झाझा राजकीय रेल पुलिस स्टेशन और

खैरा प्रखंड कार्यालय को विस्फोट कर उड़ाने के मामले में सिद्धू आरोपित था। इसके

अलावा सिद्धू कोड़ा खैरा इलाके के लखारी में पुलिस बल के साथ मुठभेड़ में भी शामिल था,

जिसमें केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहायक समादेष्टा हीरा कुमार झा

शहीद हो गए थे।

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