Press "Enter" to skip to content

एक मृत तारा के चारों तरफ चक्कर काट रहा है विशाल ग्रह




सूर्य के मर जाने के बाद शायद यहां भी ऐसे हालत होंगे
हमारा सूर्य भी पांच बिलियन वर्ष बाद मर जाएगा
यह स्थिति साढ़े छह हजार प्रकाश वर्ष की दूरी पर
ब्लैक होल बनने की प्रारंभिक स्थिति भी हो सकती है
राष्ट्रीय खबर

रांचीः एक मृत तारा के चारों तरफ चक्कर काटते एक विशाल ग्रह को देखकर वैज्ञानिक हमारे सौरमंडल के भविष्य पर भी विचार कर रहे हैं। यह विज्ञान सम्मत तर्क है कि हमारे सौरमंडल का सूर्य भी एक दिन मर जाएगा।




वर्तमान में उसके पूरी तरह समाप्त होने की अवधि शायद पांच बिलियन वर्ष आयेगी। अब सवाल है कि इस सूर्य के समाप्त हो जाने के बाद यहां मौजूद अन्य ग्रह और उपग्रहों की क्या स्थिति होगी।

क्या यहां के सारे ग्रह भी इसी तरह तब भी सूर्य के चारों तरफ चक्कर काटते रहेंगे और अंततः मृत ग्रह में तब्दील हो जाएंगे। फिलहाल खगोल वैज्ञानिकों ने जिस मृत ग्रह को खोजा है, वह आकार में करीब गुरु ग्रह के जितना बड़ा है।

यह भी अपने सौर मंडल में एक मृत तारों की धुरी पर चक्कर काटता नजर आया है। खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक यह स्थिति पृथ्वी से करीब साढ़े छह हजार प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। मिल्की वे गैलेक्सी के मध्य के करीब ऐसा होता हुआ देखा गया है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि मृत तारा भी कभी सूर्य के जैसा ही प्रकाशवान था और समय के क्रम में उसकी मौत हो चुकी है। जिसके बाद भी एक ग्रह का उसके चारों तरफ चक्कर काटने के कारणों का वैज्ञानिक पता लगा रहे हैं। एक मृत तारा के इतिहास पर पहले ही शोध हो चुका है।

यह पता चला है कि जब तारा की सारी ऊर्जा समाप्त हो जाती है तो वह अपने आस पास के ग्रहों को निगलता जाता है। इसके तहत उसका अपना वातावरण भी नष्ट हो जाता है। जिसके बाद वह एक सफेद रंग का गोला बनकर रह जाता है और अंतरिक्ष के किसी इलाके में घूमता रहता है।

एक मृत तारा को देखकर ही इसकी याद आयी

वैसे वर्तमान में उस मृत तारा का आकार पृथ्वी के जितना ही समझा गया है। वैज्ञानिक स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी तारा की सारी ऊर्जा समाप्त होने के बाद भी ठंडा होने में उसे खरबों वर्ष लगते हैं। इससे यह भी साफ हो जाता है कि किसी तारा के मृत होने के पहले उसके बनने का समय कितना रहा होगा।

यानी इस पूरी महाकाश की सृष्टि के काल को और पीछे ले जाने की आवश्यकता महसूस की गयी है। वैज्ञानिक यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि सारी ऊर्जा समाप्त होने के बाद भी वह सफेद रंग का पिंड बनकर कैसे रह गया।

आम तौर पर ऊर्जा समाप्त होने के दौरान में फैलते हुए इसका विखंडन हो जाना चाहिए था। इसलिए वैज्ञानिक एक मृत तारा और उसका चक्कर काट रहे ग्रह के बनने का समय भी तय करना चाहते हैं।




ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों का जन्म लगभग एक ही समय में होने की वजह से ही वे प्राकृतिक तौर पर एक दूसरे की धुरी का अब भी पालन करते आ रहे हैं।

खगोल वैज्ञानिकों ने यह पाया है कि दोनों के बीच की दूरी करीब 2.8 अंतरिक्ष इकाई है। यह लगभग पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी है।

वैश्विक मापदंड पर यह दूरी करीब 92 मिलियन किलोमीटर होती है। इस एक मृत तारा का अध्ययन कर वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर भी पहुंचे हैं कि लगातार आकार बड़ा करते हुए कोई तारा अंततः अपनी सारी ऊर्जा को जला लेता है। उसके बाद वह सिकुड़ता हुआ छोटा सफेद गोला बनकर रह जाता है।

एक खास समय के बाद सिकुड़कर सफेद गोला बन जाता है

अंतरिक्ष में अब तक खोजे गये इस किस्म के मृत तारों और ग्रहों के विवरण पहले से ही मौजूद हैं। अब सिर्फ उनके बनने और समाप्त होने के बाद के वैज्ञानिक तथ्यों को परखा जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि जब हमारे सौरमंडल में सूर्य की मौत हो जाएगी उसके बाद इस पूरे सौरमंडल की दरअसल क्या स्थिति होगी।

इस एक घटना को देखकर खगोल वैज्ञानिकों के शोध दल के नेता औऱ यूनिवर्सिटी ऑफ तास्मानिया के प्रोफसर जोशुआ ब्लैकमैन कहते हैं कि शायद हमारे सौरमंडल में भी ऐसी ही स्थिति होगी और मृत सूर्य के चारों तरफ सारे ग्रह इसी तरह चक्कर काटते रहेंगे।

अन्य ग्रह तो शायद ऊर्जा नहीं मिलने की वजह से मर जाएंगे लेकिन उम्मीद है कि गुरु ग्रह और शनि ग्रह की मौत नहीं होगी। इन दो ग्रहों के पास अपनी ऊर्जा है। जिस ऊर्जा के समाप्त होने के बाद दोनों में विस्फोट होगा और वे अंतरिक्ष में टुकड़ों मे बिखर जाएंगे।

जिस एक मृत तारा पर यह अध्ययन किया गया है वह आकार में सूर्य का करीब साठ प्रतिशत है जबकि उसके चक्कर काटने वाला ग्रह भी गुरु ग्रह के मुकाबले चालीस प्रतिशत अधिक है।

वैसे वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि हो सकता है कि यह किसी नये ब्लैक होल के बनने की प्रक्रिया भी हो। जिसके बाद आस पास के सारे ग्रह और तारे इसके अंदर तेजी से समाते चले जाएंगे।



More from अंतरिक्षMore posts in अंतरिक्ष »

Be First to Comment

Leave a Reply

%d bloggers like this: