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अब बाजार में बिकने को उपलब्ध हो गया नकली दिल भी

अब बाजार में बिकने को उपलब्ध हो गया नकली दिल भी
  • फ्रांस की कंपनी ने बेचा पहला कृत्रिम हृदय

  • इटली में उसका प्रत्यारोपण भी हो चुका है

  • क्लीनिकल ट्रायल में भी अनेक लोगों को लगे

पेरिसः अब बाजार में कृत्रिम हृदय भी बिकने के लिए उपलब्ध हो गया है। फ्रांस की कंपनी

कारमैट ने इसका पहला उत्पाद बेचा भी है। इसे करीब 1,77,000 अमेरिकी डॉलर में बेचा गया

है। इस कीमत में उसके प्रत्यारोपण का खर्च भी शामिल है। नकली अंग बनाने वाली कंपनी ने

पहली बार कृत्रिम हृदय बेचने की औपचारिक जानकारी भी दे दी है। सोमवार यानी 19 जुलाई

को इसे बेचा गया है। इस कृत्रिम हृदय इटली के एक मरीज को लगाया गया है। कई किस्म के

परीक्षणों से गुजरने के बाद भी कंपनी के इस उत्पाद को इस्तेमाल के लायक पाये जाने का

प्रमाणपत्र दिया गया था। यह मान्यता प्राप्त होने के बाद कंपनी ने कृत्रिम हृदय बेचने की

शुरुआत कल ही की है। वर्ष 2008 से अपना कारोबार प्रारंभ करने वाली कंपनी काफी समय से

इसे तैयार करने की दिशा में लगातार अनुसंधान कर रही थी। शोध मे जैसे जैसे नये तथ्य

सामने आ रहे थे, उस कृत्रिम दिल की संरचना में आवश्यक संशोधन भी किये जा रहे थे। वर्ष

2020 में ही इस उत्पाद को इस्तेमाल के लायक मान लिया गया था। परीक्षण के दौरान भी

अनेक मरीजों पर इसका परीक्षण करने के बाद यह पाया गया था कि 73 प्रतिशत मरीजों को

इस नकली दिल से फायदा पहुंचा है। लेकिन परीक्षण के इस दौर में कंपनी ने इस कृत्रिम हृदय

को बेचने की घोषणा नहीं की थी। सब कुछ सही होने तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता

हासिल होने के बाद सोमवार यानी 19 जुलाई को न सिर्फ इसे औपचारिक तौर पर बेचने की

जानकारी दी गयी है बल्कि यह भी बताया गया है कि इटली के किसी मरीज में इसका

प्रत्यारोपण भी सफलतापूर्वक कर लिया गया है।

अब बाजार में तब उतारा जब मान्यता मिल गयी

इस परीक्षण के सफल होने के बाद दिल के ईलाज की दिशा में नये युग की शुरुआत हो रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक डॉ सिरो माइलो ने नेपल्स के आजिंदा ओसपेडालियेरा अस्पताल

में यह प्रत्यारोपण किया है। कारमेट कंपनी के प्रवक्ता ने आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा

की है। इसके पूर्व क्लीनिकल परीक्षण के दौरान अमेरिका में भी गत 15 जुलाई को एक मरीज

में यह कृत्रिम हृदय प्रत्यारोपित किया गया है। अमेरिका में यह काम नार्थ कैरोलिना के ड्यूक

यूनिवर्सिटी अस्पताल में किया गया है। अब मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सारी

रिपोर्ट अगर सही निकली तो आने वाले दिनों में कृत्रिम हृदय प्रत्यारोपित करने की यह पद्धति

व्यापक इस्तेमाल की वजह से सस्ती भी हो सकती है, ऐसा माना जा रहा है।

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