fbpx Press "Enter" to skip to content

ड्रग्स तस्करी का सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है भारत का पूर्वोत्तर

  • फिर 165 करोड़ रुपये के मादक बरामद

  •  अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के नये रैकेट का पता चला

  •  म्यांमार के दो नागरिकों सहित चार गिरफ्तार

  •  अब जल परिवहन के रास्ते भी होने लगी तस्करी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: ड्रग्स तस्करी  का दुनिया में बहुत ही बढ़ा जाल है। लोग ड्रग्स अरबों रूपए कमाते

हैं। हाल ही में पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में 165 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त पूर्वोत्तर में

ड्रग्स के सबसे बड़े ठिकानों में से मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 165 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त

की है। असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की एक संयुक्त

टीम ने मोरेह के इंडो-म्यांमार बॉर्डर शहर में दो स्थानों पर छापे के दौरान 165 करोड़ रुपये

की ड्रग्स जब्त की है। म्यांमार के 2 नागरिकों सहित 2 लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार

किया है। छापे के दौरान एक विदेशी, एक विदेशी पिस्तौल के साथ-साथ गोला-बारूद भी

बरामद किया गया। यह एक अच्छी तरह से योजनाबद्ध और कठिन बुद्धि पर आधारित

ऑर्केस्ट्रेटेड ऑपरेशन था। असम राइफल्स ने कहा भारत-म्यांमार सीमा के माध्यम से

मणिपुर में सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से तस्करी और नशीले पदार्थों की तस्करी से

निपटने में सबसे आगे रही हैं। इस तरह से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की आधिकारिक

वेबसाइट ने जानकारी दी है कि 58 देशों की नावों को 45,000 किलोग्राम सूखा मटर ले

जाने वाली नौकाओं को जब्त किया है। मेघालय भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ पश्चिम

जंटिया हिल्स जिले के मुक्तापुर बॉर्डर आउट-पोस्ट पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने खेप

को जब्त कर लिया है। बीएसएफ ने मेघालय में भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ लाकरा

नदी के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। तस्करी वाली सूखी मटर की जब्त

मात्रा 68 लाख रुपये से अधिक है।

ड्रग्स  तस्करी के नये नये रास्ते खोलते हैं अपराधी

हालांकि, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई ) छह दशकों से अधिक समय से

प्रतिबंधित सामानों जैसे कि हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटकों, मादक दवाओं और

नशीले पदार्थों, सोने और हीरे, नकली नोटों, वन्यजीव से जुड़े उत्पाद, पर्यावरण के प्रति

संवेदनशील सामग्रियों और पुरातन वस्तुओं की तस्करी में लगे संगठित अपराध समूहों

का मुकाबला भारत और बाहरी देशों में कर रहा है। राजस्व खुफिया निदेशालय के वरिष्ठ

अधिकारी डी के गुप्ता ने आज यहां कहा कि डीआरआई को वाणिज्यिक धोखाधड़ी,

सरकार के कर राजस्व की चोरी रोकने, व्यापार आधारित मनी लॉन्ड्रिंग और काले धन के

मामलों में विशेषज्ञता हासिल है। इसके अतिरिक्त, डीआरआई 60 से अधिक देशों के साथ

अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क सहयोग और सीमा शुल्क पारस्परिक सहायता समझौते में सबसे

आगे रहा है। इस बीच गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष कोविड -19 महामारी की स्थिति के

बावजूद, डीआरआई के अधिकारियों ने अथक परिश्रम किया और कुछ महत्वपूर्ण

बरामदगी की। खुद की जान को जोखिम में डालकर तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में

डीआरआई के कर्मियों का अदम्य साहस दिखता है। नवंबर 2020 में, डीआरआई के

अधिकारियों ने 2 ट्रकों को रोका और 66.4 किलोग्राम सोने को जब्त किया, जो कि भारत-

म्यांमार सीमा के रास्ते भारत में तस्करी करके लाया गया था, जिसकी कीमत 35 करोड़

रुपये थी। इस साल अगस्त में एक अन्य केस की कार्रवाई में, डीआरआई के अधिकारियों

ने डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रहे आठ यात्रियों से 83.62 किलोग्राम सोना जब्त किया,

जिसकी कीमत 42.89 करोड़ रुपये थी। तीन-दिवसीय ‘कैलीप्सो’ ऑपरेशन में डीआरआई

ने 3.3 किलोग्राम कोकीन की जब्ती के साथ एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी रैकेट का

भंडाफोड़ किया।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from अपराधMore posts in अपराध »
More from असमMore posts in असम »

One Comment

... ... ...
%d bloggers like this: