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कोरराबाद जाने के लिए इतने दिनों बाद भी नहीं बना है कोई पुल

जामताड़ाः कोरराबाद गांव जाने के लिए इतने दिनों बाद भी कोई पुल नहीं बना है। आजादी

के 74 वर्ष बीत जाने के बाद भी जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड अन्तर्गत इस गांव जाने के

लिए जोड़िया में पुल नही है। नाला प्रखंड मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित

पश्चिम बंगाल सीमा से सटे यह गांव प्रशासनिक उदासीनता का शिकार बनी हुई है।

बंगाल सीमा से सटे यह गांव जाने के लिए नाला प्रखंड मुख्यालय पलास्थली गांव तक

पक्की सड़़क बनायी गई है लेकिन पलास्थली गांव से 2 किलोमीटर दूर एक जोड़िया पर

कोई पुल न होने से कोरराबाद गांव के लोगो को बर्षात के दिनो में काफी दिक्कतों का

सामना करना पड़ता है। बता दें की उस जोड़िया के बाद 2 किलोमीटर कोरराबाद गांव तक

पक्की सड़के है । लेकिन सड़क निर्माण विभाग द्वारा इन दो गांवो के बीच पुल का

निर्मााण नही कराया। कोरराबाद गांव के संतोष कुमार ने बताया की कोरराबाद से नाला

प्रखंड मुख्यालय तक जाने के लिए यही एक मात्र रास्ता है इस रास्ते से वर्षात के दिनो में

जोड़िया पर पानी भर जाने से साईकल मोटोरसाईकिल लेकर चलना मुस्किल हो जाता है।

वर्षात के दिनो में जोड़िया से पक्की सड़क तक का रास्ता कीचड़मय हो जाता है। वर्षात के

इन तीन महीना बंगाल से घुमकर आना पड़ता है।

कोरराबाद को जोड़ने का प्रस्ताव बिहार सरकार के कार्यकाल का

उसी गांव के जाहिद मुल्ला ने बताया की बिहार से झारखंड अलग हुए 21 वर्ष बीत गया

फिर भी कोरराबाद गांव को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने के लिए जोड़िया पर पुल नही बनाया

गया। उन्होने बताया की बार-बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस बारे में जानकारी

दिया गया था लेकिन अभितक कोई सुध नही लिया। कहा की चुनाव के समय कई सारे

नेता आकर जोड़िया पर पुल बनाने का वादा करके गए थे लेकिन आजतक किसी ने भी

पुल बनाने की नाम तक नही लेते हे।

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