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नीतीश कुमार के एलान के बाद भी काम नहीं होने पर उबले अजीत शर्मा

  • चावल से सैनेटाइजर बनाने की मंत्री की दलील को कहा बेतूकी बात

  • फिर कहा मुख्यमंत्री के अफसर उनका कहा हुआ नहीं मानते

  • लॉक डाउन में लगातार अपने घर से लोगों की मदद कर रहे

दीपक नौरंगी

भागलपुरः नीतीश कुमार के एलान के बाद भी गरीबों को राशन नहीं मिलने की घटना

स्थानीय विधायक अजीत शर्मा को नाराज कर गया है। उन्होंने फिर से मुख्यमंत्री नीतीश

कुमार का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए

कि उनके अधीनस्थ अफसर सही तरीके से काम करें।

वीडियो में जानिये क्या कहा विधायक अजीत शर्मा ने

इस बारे में उन्होंने कहा कि विभागीय सचिव बार बार अपना ही आदेश बदल रहे हैं। एक

बार तैयारी हो रही है तो राशन देने के अपलोड करने फारमेट और तरीके बदले जा रहे हैं।

अंतिम में जिस एप के जरिए भागलपुर की सूचनाओं को अपलोड करना था, उसमें

भागलपुर के पूरे विवरण ही नहीं थे। इसी वजह से भागलपुर के जरूरतमंदों के नाम तक

दर्ज नहीं हो पाये। उन्होंने प्रारंभ से ही राशन कार्ड के बिना भी गरीबों को इस वक्त राशन

देने और जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उनका राशन कार्ड बनाने की मांग की है। वह इस

मुद्दे को पहले विधानसभी में भी उठा चुके हैं। इस बार फिर से यह गड़बड़ी होने की वजह से

श्री शर्मा ने कहा कि एक बार फिर साबित हो गया कि दरअसल अफसर गरीबों के कल्याण

के लिए काम ही करना नहीं चाहते हैं।

नीतीश कुमार से आग्रह किया कि इस पर पूरा ध्यान दें

श्री शर्मा ने कहा कि वह बार बार मुख्यमंत्री को इस बात की याद दिला रहे हैं कि उनके

अधीनस्थ अफसर सही तरीके से काम ही नहीं करते हैं। इस वजह से इतने दिनों बाद और

इस संकट पूर्ण परिस्थिति में गरीबों को राशन देने के मुख्यमंत्री के फैसले का भी अमल

नहीं हो पा रहा है। भागलपुर विधायक ने कहा कि यह रमजान का मौका है। इस मौके पर

पूरे देश में लॉक डाउन की स्थिति है। ऐसे में गरीब तबके के मुसलमानों का ख्याल तो

रखना होगा। इसके लिए भी सरकार को अपनी तरफ से पहल करनी चाहिए ताकि इस

मौके पर जो गरीब मुसलमान रोजा रख रहे हैं, उनकी मदद हो सके। वैसे ही गरीब तबके के

लोगों के रोजी रोजगार तो पहले से ही बंद हैं। 

चावल से सैनेटाइजर की बात इस मौके पर बेतूकी

केंद्रीय मंत्री द्वारा देश में पर्याप्त चावल का भंडार होने की जानकारी देने के साथ साथ

इसी चावल से सैनेटाइजर बनाने की चर्चा को उन्होंने अगंभीर बयान कहा। श्री शर्मा ने

कहा कि अभी गरीब के पास दो वक्त के लिए भोजन नहीं है। ऐसी स्थिति में अगर केंद्रीय

मंत्री चावल से सैनेटाइजर बनाने की बात कर रहे हैं तो वह गरीबों के कष्ट को यह तो

समझ नहीं रहे हैं अथवा उन्हें इसकी समझ नहीं है। जहां तक सैनेटाइजर का सवाल है तो

विधायक श्री शर्मा ने कहा कि उसे तो दूसरे माध्यमों से भी बनाया जा सकता है। फिर

संकट की इस घड़ी में गरीबों के काम आने वाले चावल से ही सैनेटाइजर बनाने की बात

क्यों हो रही है।


 

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