आतंकवाद के खिलाफ एन०आई०ए० की बड़ी कार्यवाई, पुलवामा हमले के इकट्ठा किए पुख्ता सबूत

आतंकवाद के खिलाफ एनआईए सख्त
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नई दिल्ली : आतंकी हमले में एन०आई०ए० (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को मिली है बड़ी सफलता।

एनआईए ने पुलवामा आतंकी हमले को लेकर अहम खुलासा किया है।

बता दें की एन०आई०ए० के जांचकर्ताओं ने फोरेंसिक और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की

पूरी छानबिन के बाद रिपोर्ट दिया है कि पुलवामा आतंकी हमले में जो वाहन प्रयोग में हुआ था

वह मारूति इको थी, जबकि पहले कहा जा रहा था कि इस आत्मघाती हमले को

एसयूवी या स्कॉर्पियों के जरिए अंजाम दिया गया था।

जानकारी के अनुसार इस हमले में इस्तेमाल की गयी मारुति इको

सज्जाद भट्ट की है जो अनंतनाग जिले का रहने वाला है।

जो की इस घटनाक्रम के बाद से ही फरार है।

सूत्रों की माने तो इसके मालिक सज्जाद भट्ट ने आतंकी संगठन

जैश-ए-मोहम्मद का दामन थाम कर आतंकवाद से हाथ मिला लिया है।

जिसकी पहचान के रूप में सज्जाद भट्ट की एक तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हुई है

जिसमें सज्जाद अपने दोनों हाथों में हथियार लिए नजर आ रहा है।

मालूम हो कि उक्त वाहन मारूति ईको की चेसिस का नंबर MA3ERLF1SOO183735 है।

तथा इंजन का नंबर G12BN164140 है।

जानकारी के अनुसार कथित वाहन को हेवन कालोनी, अनंतनाग के रहने वाले

जमील अहमद हक्कानी को 2011 में बेच दिया गया था।

इसके बाद गाड़ी को सात बार बेचा गया और अंत में यह गाड़ी 4 फरवरी 2019 को सज्जाद भट्ट के पास पहुंची।

जो अनंतनाग के बिजबेहरा का रहने वाला था।

सज्जाद सिराज-उल-उलूम, शोपियां का छात्र था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से एनआईए की एक टीम ने 23 फरवरी को सज्जाद के घर पर छापा मारा।

हालांकि तब तक सज्जाद फरार हो चुका था।

पुलवामा हमले में जवानों की कुर्बानी-

गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे।

जवानों की कुर्बानी देश की शहादत को बयां कर रही है।

जिस घटना से भारत देश के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी आतंकवाद के खिलाफ आग बबूला हो गया।

बता दें कि इस हमले की साजिश पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने रची थी।

इस बर्बर घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑर्डिनेन्स पास कर सुरक्षा बलों को खुली छूट दे दी।

जो सही या गलत है सुरक्षा बल खुद इसपर अमल करें और देश के दुश्मनों के साथ कड़ा रुख अपनाए।

बताया जा रहा है कि इस खूनी खेल को अंजाम देने वाला पुलवामा का ही आदिल अहमद डार था।

पुलवामा हमले के कुछ मिनट बाद ही मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक युवक की तस्वीर और दो वीडियो सर्कुलेट होने लगे।

इन दोनों वीडियो में इस युवक ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली।

इस वीडियो में खुद को जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी होने का दावा करने वाले

युवक ने खुद की पहचान पुलवामा के काकापोरा इलाके के गांदीबाघ के

आदिल अहमद डार उर्फ वकास कमांडर के रूप में की।

पुलिस सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि सीआरपीएफ की बस से विस्फोटकों से ईको कार

टकराने वाला संदिग्ध आत्मघाती हमलावर आदिल ही था।

आदिल एक साल पहले जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ।

अपने इस वीडियो में आदिल ने कहा है कि यह उसका अंतिम संदेश है।

उसने अपने दोस्तों को दहशतगर्दी के रास्ते पर चलने का भी आह्वान किया है।

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