रांची के कई इलाके में एनआईए का छापा नक्सलियों की लेवी का मामला

रांची के कई इलाके में एनआईए का छापा नक्सलियों की लेवी का मामला
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  • डोरंडा और अरगोड़ा मे ंकी छापेमारी 

  • कोयला कारोबार का हो सकता है रिश्ता

रांची: रांची में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम ने दबिश दी है।

एनआईए की टीम ने एक साथ राजधानी के कई इलाके में छापेमारी की।

गुरुवार सुबह चार बजे टीम डोरंडा इलाके में पहुंची और एक घर में पहुंच छानबीन में जुट गई।

इसके बाद टीम अरगोड़ा भी पहुंची। कुल तीन जगहों पर टीम ने छापेमारी की है।

डोरंडा में मूसा अंसारी नाम के युवक के घर टीम पहुंची ।

जहां एनआईए की टीम के साथ काफी संख्‍या में पुलिस बल भी मौजूद हैं।

फिलहाल जांच जारी है। फिलहाल, एनआईए के अधिकारी और स्थानीय पुलिस इस बारे में कुछ भी नहीं बता रहे हैं।

मामला मगध-आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़ा बताया जा रहा है।
टीपीसी उग्रवादियों को टेरर फंडिंग
टीपीसी उग्रवादियों को टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने रांची से कोयला ट्रांसपोर्टर सुधांशु रंजन उर्फ छोटू सिंह को 12 नवंबर 2018 को गिरफ्तार किया था।

मूल रूप से चतरा जिले के सिमरिया निवासी सुधांशु रंजन का रांची में भी आवास है।

फिलहाल, सुधांशु जेल में बंद है।

एनआईए को जानकारी मिली थी कि सुधांशु का टीपीसी उग्रवादियों से साठगांठ है।

उग्रवादियों को लेवी पहुंचाने में उसकी अहम भूमिका है।

वह टीपीसी नेता आक्रमण उर्फ नेताजी के लिए ऊंची दर पर कोयले की ढुलाई करता है।

ट्रांसपोर्टिंग से जो अधिक राशि वसूली जाती है, उसे सुधांशु टीपीसी नेता आक्रमण तक पहुंचाता था।

गिरफ्तार कोयला ट्रांसपोर्टर सुधांशु रंजन उर्फ छोटू सिंह के बैंक खाते में पांच दिसंबर 2018 को एनआईए को 17 करोड़ रुपए मिले थे।

एनआईए ने खाता फ्रीज करा दिया था।

एनआईए ने सुधांशु को चतरा के सिमरिया से 12 नवंबर को गिरफ्तार किया था।

तब से वह जेल में है। मगध-आम्रपाली कोल परियोजना से कोयला लेकर छोटू सिंह टोरी रेलवे साइडिंग तक जाता था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.