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मात्र एक संक्रमण से कोरोना संकट ग्रस्त हो गया न्यूजीलैंड




वेलिंगटनः मात्र एक संक्रमण पाते ही पूरे देश में लॉकडाउन लगाने का फैसला लागू कर दिया गया था। उस वक्त अनेक लोगों ने इसकी आलोचना की थी। अब हालात यह है कि देश में हर दिन एक दिन पहले के मुकाबले दोगुणा कोरोना संक्रमण पाया जा रहा है।




इस बीच सरकार टीकाकरण के जरिए अधिकाधिक लोगों को इस संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने में जुट गयी है। न्यूजीलैंड वैसे देश है, जहां के नागरिक सोशल डिस्टेंसिंग का भी बेहतर तरीके से पालन करते पाये गये हैं।

यहां के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक अब हर दिन एक दिन के पहले के संक्रमण का आंकड़ा दोगुणा हो रहा है। सबसे अधिक संक्रमण के मामले ऑकलैंड के इलाके में पाये गये हैं। वहां के वाइकाटो जिला में भी एक साथ सात मामले सामने आये हैं।

प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डेन ने साफ कहा है कि लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन करने वाले ही कोरोना फैला रहे हैं। इसमें खतरे की बात यह है कि अब अधिकांश युवाओं में यह संक्रमण पाया जा रहा है।




मात्र एक संक्रमण पाते ही लॉकडाउन लगाया था

पूर्व के कोरोना संक्रमण का सबसे बेहतर तरीके से मुकाबला करने के बाद जब वहां अचानक एक संक्रमण पाया गया था तभी प्रधानमंत्री ने पूरे देश में लॉकडाउन का एलान कर दिया था। इसका अनेक लोगों ने विरोध भी किया था।

अब के घटनाक्रम यही बताते हैं कि प्रधानमंत्री का तब का यह कठोर फैसला भी कोरोना संक्रमण के इस हमले को कम करने में महत्वपूर्ण रहा है।

अब देश में टीकाकरण की गति को तेज किया जा रहा है ताकि लोगों को संक्रमण से सुरक्षा मिल सके। सरकार की तरफ से कोरोना प्रभावित इलाको में जांच की गति भी तेज कर दी गयी है ताकि जो लोग इस जांच के दायरे में नहीं आये हैं, उनकी सेहत और संक्रमण का पता चल सके।

देश के विषाणु विशेषज्ञ अब कोरोना के डेल्टा वेरियंट को लेकर चिंतित हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ आटागो के प्रोफसर माइकल बेकर ने कहा कि सरकार को फिर से लॉकडाउन लगाने पर फैसला लेना चाहिए क्योंकि जिस तरीके से सिर्फ एक व्यक्ति से पूरे देश में कोरोना फैल गया है, उसमें पूरी जांच होने तक कितने लोग इसकी चपेट में आये हैं, उसका पता नहीं चल पायेगा और पाबंदी नहीं होने की हालत में यह संक्रमण फैलता ही चला जाएगा।



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