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पूरे देश में लॉकडाउन का न्यूजीलैंड का फैसला सही साबित हुआ




  • सिर्फ एक मरीज से एक सौ मरीज हो गये

  • अब तक चौदह हजार लोगों की हुई है जांच

  • खतरे वाले 320 इलाकों की पहचान की गयी है

वेलिंगटन: पूरे देश में लॉकडाउन लगाने का न्यूजीलैंड सरकार का फैसला सही साबित




हुआ है। जब एक मरीज के कोरोन संक्रमित पाये जाने के बाद प्रधानमंत्री जेसिंडा एर्डेन ने

इस लॉकडाउन को लागू करने की बात कही थी तो अनेक लोगों को हैरानी हुई थी। अब

उसका परिणाम भी सामने आ चुका है। देश में सिर्फ एक मरीज पाये जाने के बाद तेजी से

हुई जांच में एक सौ और लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। इसी वजह से अब न्यूजीलैंड

में पूरे देश में लगे लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाकर 27 अगस्त की मध्यरात्रि तक कर

दिया गया है। प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि कोरोना रोगियों में बढोत्तरी होन की

वजह से यह माना जाना चाहिए कि अभी पूरे देश में और रोगी मिल सकते हैं। जिन इलाकों

में अधिक रोगी पाये गये हैं, वहां के लिए सरकार ने 31 अगस्त तक लॉकडाउन को प्रभावी

बना दिया है।

पूरे देश में लॉकडाउन की अवधि और बढ़ायी गयी

याद दिला दें कि सिर्फ एक रोगी के पाये जाने के बाद ही सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन

लगाने का फैसला किया था। इस फैसले के पक्ष में तर्क देते हुए न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री

जेसिंडा ने बताया था कि चूंकि इस व्यक्ति को देश से ही संक्रमण हुआ है, जो यह स्पष्ट




करता है कि कहीं और भी यह संक्रमण मौजूद है, जिसका पता नहीं चल पाया है। साथ ही

चूंकि इस मरीज ने पूरे देश के कई अन्य हिस्सों का दौरा भी किया है। इससे समझा जा

सकता है कि उसके दौरा वाले इलाकों में अन्य लोग भी इसके संपर्क में आने की वजह से

संक्रमित होने के बाद दूसरों तक यह संक्रमण पहुंचा चुके होंगे। ऐसी स्थिति में लॉकडाउन

से सारी गतिविधियों को रोककर कोरोना संक्रमित रोगियों की पहचान जरूरी है ताकि

संक्रमण को और आगे फैलने से रोका जा सके। उस वक्त इस फैसले की आलोचना करने

वालों को अब सरकार का पूरे देश में लॉकडाउन लगाने का यह फैसला सही प्रतीत हो रहा

है। प्रधानमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि डेल्टा वेरियंट का मौजूद होना ज्यादा

खतरनाक है। इस किस्म के 320 इलाकों की पहचान पूरे देश में की गयी है, जहां संक्रमण

अधिक हो सकता है। अब तक तेरह हजार लोगों को जांच के दायरे में लाय गया है। उन्होंने

साफ कर दिया कि इस डेल्टा वेरियंट की वजह से सारे नियम और बचाव के तरीके बदल

गये हैं। इसलिए इस सावधानी का पालन करना होगा ताकि जो संक्रमण फैल चुका है, उस

पर जल्द से जल्द नियंत्रण पाया जा सके।



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