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नया प्रकाश तरंग किसी भी परत को भेदकर आगे बढ़ जाता है

  • किसी अपारदर्शी सतह को भी पार कर जायेगा यह तरंग

  • किसी भी सतह को आराम से भेद जाता है

  • जिंक ऑक्साइड की पर्त पर हुई थी जांच

  • कई किस्म के फायदे हो सकते हैं इसके

राष्ट्रीय खबर

रांचीः नया प्रकाश तरंग कुछ ऐसा है कि वह किसी भी अपारदर्शी सतह को भी भेद जाता

है। इस विधि से किसी अनजान इलाके में दीवारों के पीछे भी अगर कुछ है तो उसे झांकने

में मदद मिलेगी। वियेना के टी यू वेइन और उट्रेच्ट विश्वविद्यालय (नेदरलैंड) के शोध

दलों ने यह सफलता पायी है। प्रयोग में देखा गया है कि किसी अपारदर्शी सतह के उपर यह

नया प्रकाश तरंग छोड़ने के बाद यह तरंग बिना रोक टोक के दूसरी तरफ चला जाता है।

यह रोशनी कुछ इस तरीके से अंदर जाती है मानो उसके रास्ते में कोई बाधा मौजूद ही नहीं

था। इस शोध के बारे में टीयू वेइन के प्रो. स्टीफन रोटर ने कहा कि इसे हम अशांत जल की

स्थिति को देखकर समझ सकते हैं। किसी भी अशांत जल में लगाता अनगिनत किस्म की

आकृतियां पैदा होती हैं और उनके आधार पर वहां अनगिनत किस्म के प्रकाश तरंग भी

पैदा होते हैं। इस स्थिति पर गौर करते हुए नये किस्म का प्रकाश तरंग विकसित करने का

काम किया गया है। इसके लिए शोध दल ने इन प्रकाश तरंगों का गणितीय मॉडल तैयार

कर काम को आगे बढ़ाया गया है। इसके बारे में उट्रेच्ट विश्वविद्यालय के प्रो एलार्ड मॉस्क

ने बताया कि इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए शोध दल ने जिंक ऑकसाइड की एक पर्त

तैयार की थी। इस पर्त से गुजरने वाले हर नैनो पार्टिकल को बेतरतीब तरीके से ही रखा

गया था। अब जब इसमें से खास किस्म के प्रकाश तरंग गुजारे गये तो जिंक ऑक्साइड की

इस पर्त के पीछे नया प्रकाश तरंग किस अवस्था में पहुंचा, उसकी गणना सहज थी। उसके

बाद प्रकाश तरंगों के विभिन्न आयामों के सहारे इस अनुसंधान को आगे बढ़ाया गया।

नया प्रकाश तरंग गणितीय मॉडल के आधार पर विकसित हुई

इसके आधार पर प्रकाश तरंगों में से एक वैसा भी मिश्रण आया तो जिंक ऑक्साइड की पर्त

के सीधे पार निकल गया। तब जाकर उस खास प्रकाश तरंग पर और नये प्रयोग भी किये

गये। इसमें यह बात निकल कर सामने आयी कि एक खास प्रकार का होने के बाद इस

प्रकाश तरंग के आगे बढ़ने केलिए कोई बाधा मायने नहीं रखता। वैज्ञानिक मानते हैं कि

सुदूर महाकाश से भी कई बार इस किस्म के प्रकाश तरंग हमारी धरती तक आते हैं। इस

विधि की उपयोगिता के बारे में दावा किया जा रहा है कि इस विधि से किसी अपारदर्शी

सतह के पार रोशनी भेजने का अर्थ उस सतह के अंदर की स्थिति को झांकना है। एक्स रे

से डाक्टर रोगी के शरीर के अंदर की तस्वीर लेते हैं। इस नया प्रकाश तरंग की विधि से

उसके अंदर का पूरा हाल ही सामने नजर आयेगा। साथ ही यह एक्स रे के जैसा शरीर को

नुकसान पहुंचाने वाला भी नहीं है। वैसे इस प्रकाश तरंग की विशेषताओं के बारे में विस्तार

से जानकारी नहीं दी गयी है। समझा जा सकता है कि कई किस्म के प्रयोगों और परिवर्तनों

से गुजारने के बाद ही इसे अंतिम रुप प्रदान किया गया होगा। फिर भी इसे आधुनिक

विज्ञान के लिहाज से बड़ी उपलब्धि के तौर पर आंका जा रहा है। अनुमान है कि इस प्रकाश

तरंग का बहुआयामी इस्तेमाल भी किया जा सकता है। खास कर आतंकवाद विरोधी

अभियान में भी यह तरंग कारगर भूमिका निभा सकती है क्योंकि किसी भी दीवार के पीछे

क्या है, उसे देखने के लिए अब दीवार के अंदर झांके बिना भी यह काम पूरा किया जा

सकता है। किसी भी सतह को बेरोकटोक पार करने वाले इस प्रकाश तरंग का रियल टाइम

एनालाइसिस में भी मेडिकल जगत में इस्तेमाल होना सबसे सुखद स्थिति है।

चिकित्सा जगत में इसके बहुत फायदे हो सकते हैं

इसके जरिए किसी मरीज के अंदर की क्या हालत है, उसका पता बिना काटे ही पता चल

जाने के बाद डाक्टरों के लिए ईलाज का काम प्रारंभ कर पाना बहुत आसान हो जाएगा।

वैसे इस नया प्रकाश तरंग की समानता कुछ न्यूट्रिनों की जैसा ही है। अंतरिक्ष से लगातार

बरसने वाले यह न्यूट्रिनों हमारे शरीर के आर पार हमेशा से गुजरता रहता है। यह इतने

सुक्ष्म होते हैं कि हमें उनका पता ही नहीं चल पाता। प्रारंभिक अनुसंधान सफल होने के

बाद उसके विकास की दिशा में भी काम चल रहा है। इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि

आने वाले दिनों में हमें दीवारों के पार झांकने वाला एक वैसा प्रकाश उपलब्ध होगा, जो कई

किस्म की परेशानियों से हमें छुटकारा दिला सकेगा।

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