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पड़ोसी देशों पर भी अफगानिस्तान से आतंकी हमले की आशंका







संयुक्त राष्ट्रः पड़ोसी देशों पर भी अफगानिस्तान से आतंकवादी हमला हो सकता है।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के प्रमुख एवं महासचिव व्लादिमीर नोरोव ने कहा

है कि अफगानिस्तान और उसके सीमावर्ती क्षेत्र में आतंकवादी खतरा चिंताजनक है

तथा यह पूरे मध्य और दक्षिण एशियाई देशों में अस्थिरता और आतंकवादी गतिविधियों

को फैला सकता है।

श्री नोरोव ने संयुक्त राष्ट्र-एससीओ की उच्च स्तरीय बैठक में मंगलवार को कहा,

‘‘अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र में मौजूदा स्थिति काफी खतरनाक है और इससे पड़ोसी और

मध्य एशियाई देशों में आतंकवादी गतिविधियां और अस्थिरता फैलने के संभावित खतरे

व्याप्त हैं।’’

उन्होंने कहा कि हाल ही में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का

उज्बेकिस्तान के साथ सीमा पर एक ताजिक चौकी पर हमला इस खतरे की प्रासंगिकता

की पुष्टि करता है।

ताजिक अधिकारियों के अनुसार छह नवंबर को ईशकोबोड चेकपॉइंट पर हुए हमले में

आईएस के 20 आतंकवादी शामिल थे। ताजिक सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 15

आतंकवादी मारे गए, जबकि पांच अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। अफगानिस्तान में

सरकारी सुरक्षा बलों और कट्टरपंथी तालिबान आतंकवादियों के बीच लंबे समय से संघर्ष

जारी है। तालिबान के अलावा यहां कई इलाकों में आईएस एवं अल कायदा से जुड़े

संगठनों के आतंकवादी भी सक्रिय हैं। ये संगठन सुरक्षा बलों पर हमले करते रहते हैं

जिसमें कई सुरक्षाकर्मी एवं नागरिक मारे जा चुके हैं तथा अनेकों घायल हैं। यह हमला

अब दूसरे देशों से जुड़ी सीमाओं पर स्थित सुरक्षा चौकियों पर भी हो रहा है।

पड़ोसी देशों पर आतंकी हमले की पुष्टि रुस ने भी की

इधर रुस के उप विदेश मंत्री इगोर मोर्गुलोव कहा कि तजाकिस्तान में सीमा जांच चौकी

पर हाल ही में इस्लामिक आतंकवादी संगठन (आईएस) हमला बताता है कि इस क्षेत्र में

अफगानिस्तान से आने वाला आतंकवादी खतरा वास्तविक है। संयुक्त राष्ट्र-शंघाई

सहयोग संगठन (एससीओ) की उच्च स्तरीय बैठक के दौरान श्री मोर्गुलोव ने मंगलवार

को कहा, ‘‘शंघाई सहयोग संगठन के ढांचे के भीतर हम अफगानिस्तान की स्थिति पर

विशेष ध्यान दे रहे हैं। हाल ही में ताजिकिस्तान में चौकी पर आईएस के हमले ने फिर से

साबित कर दिया कि इस क्षेत्र में अफगानिस्तान से आने वाला आतंकवादी खतरा

वास्तविक है।’’ उन्होंने कहा कि मादक पदार्थो की तस्करी आतंकवाद के ऐसे कार्यों का

समर्थन करने वाले स्रोतो में एक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस शंघाई सहयोग संगठन

के अन्य सदस्य देशों के साथ अफगान लोगों की शांति और आर्थिक विकास की

आकांक्षाओं का समर्थन करता है।



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