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प्रफुल्ल कुमार महंत सहित 5 मौजूदा एजीपी विधायकों को टिकट नहीं दिया भाजपा ने

  • पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल !

  • असम आंदोलन के प्रमुख नेता रहे हैं महंत

  • सीएए के प्रवल और मुखर विरोधी भी रहे हैं

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : प्रफुल्ल कुमार महंत सहित पांच पूर्व एजीपी सदस्यों को भाजपा ने इस बार के

चुनाव का टिकट नहीं दिया है। महंत को टिकट नहीं देने की सूचना सार्वजनिक होते ही

प्रदेश की राजनीति भी बदल गयी है।  असम विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने

उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। जिसमें असम में 126 सीटों पर चुनाव हो रहे

और भाजपा ने गठबंधन के तहत असम गण परिषद (एजीपी ) को 26 सीटें चुनाव के लिए

दी हैं। इसी कड़ी में भाजपा ने असम के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता

प्रफुल्ल कुमार महंत सहित 5 असम गण परिषद (एजीपी ) विधायकों को आगामी असम

विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट देने से इनकार कर दिया है। महंत के अलावा

भाजपा के सहयोगी दल एजीपी ने लखीमपुर के विधायक उत्पल दत्ता, नहरकटिया के

विधायक नरेन सोनोवाल और कमालपुर के विधायक सत्यब्रत कालिता को टिकट नहीं

देने का फैसला किया है। महंत 1985 से लगातार छह बार से बरहमपुर सीट से जीत रहे हैं।

लेकिन अब भाजपा ने इस बार जीतू गोस्वामी को बरहामपुर निर्वाचन क्षेत्र में उतारा है।

भगवा पार्टी ने तीन अन्य सीटों- लखीमपुर, कमालपुर और नहरकटिया में उम्मीदवारों की

घोषणा की है।

बीजेपी के तीन नए चेहरे मनब डेका, दिगंत कलिता और तरंगा गोगोई इन तीन सीटों से

चुनाव लड़ेंगे। 2016 में, एजीपी ने 27 सीटों पर चुनाव लड़ा और 14 में जीत हासिल की थी।

एजीपी के अध्यक्ष अतुल बोरा ने कहा कि इस बार पार्टी 26 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

प्रफुल्ल कुमार महंत इनदिनों दिल्ली में ईलाज कराकर लौटे हैं

दिल्ली में इलाज करा रहे महंत गुवाहाटी लौट आए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा

द्वारा टिकट नहीं दिए जाने से नाराज पूर्व सीएम प्रफुल्ल मंहत 15 सीटों पर उम्मीदवार

उतार सकतें हैं या फिर कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं।

भाजपा ने महंत का हाथ पकड़कर असम में प्रवेश किया डंगोरिया (के बराबर सम्माननीय

जी असमिया में) क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनसे अनुरोध किया

था। लेकिन बीजेपी ने उन्हें धोखा दिया और सत्ता में आने के बाद अपने पंखों को काट

दिया क्योंकि वह नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हैं, “एजीपी-पी के

महासचिव प्रणब गोस्वामी ने शुक्रवार को कहा।

असम गण परिषद के उम्मीदवारों की सूची से पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत को

बाहर करने से कांग्रेस के नेतृत्व में शामिल होने वाले गुट का पुनरुद्धार हो सकता है

महाजोत या प्रदूषित असम में महागठबंधन

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