हटाए जाएंगे सभी श्रेणियों के वाहनों से बत्तियां, मजदूर दिवस को लागू होगा योजना

लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने के लिए केन्द्र ने लिया निर्णय

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नई दिल्ली : लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में केन्द्र की मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को हुई बैठक में देश में सभी श्रेणियों के वाहनों के ऊपर लगी सभी तरह की बत्तियां हटाने का फैसला किया है। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा लिया गया यह फैसला 1 मई मजदूर दिवस को लागू होगा।

केन्द्र सरकार का कहना है कि वाहनों पर लगी बत्तियां वीआईपी संस्‍कृति का प्रतीक मानी जाती हैं और लोकतांत्रिक देश में इसका कोई स्‍थान नहीं है। केन्द्र द्वारा लिए फैसले का असर तुरंत दिखने लगा है। कई केन्द्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने गाड़ियों से लाल बत्ती हटाना शुरू कर दी है। । नितिन गडकरी वह पहले नेता हैं जिन्होंने सबसे पहले अपनी सरकारी गाड़ी की लाल बत्ती को हटाया है। वही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फणड़वीस ने भी अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटा दी है।

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि 1 मई से लालबत्ती पर रोक लगने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। 1 मई से लाल बत्ती के रोक का फैसला राज्य सरकार पर भी लागू होगा। लेकिन आपातकालीन और राहत सेवाओं, एम्बुनलेंस, अग्नि शमन सेवा आदि से संबंधित वाहनों पर बत्तियों लगाने की अनुमति होगी। ये गाड़ियां नीली बत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस फैसले को ध्यान में रखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय कानून में आवश्यक प्रावधान करेगा।

नितिन गडकरी ने बताया है कि उन्होंने अपनी गाड़ी लाल बत्ती को हटा दिया है नितिन गडकरी का कहना है कि हमारी सरकार आम लोगों की सरकार है इसी वजह से हमने लालबत्ती और वीवीआईपी परम्परा का इस्तेमाल ना करने का फैसला लिया है। इस फैसले को बड़ा लोकतांत्रिक फैसला बताते हुए कहा है कि जल्द ही इस फैसले के विषय में नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

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