कोहिनूर मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, वापस लाने या नीलामी रोकने का आदेश नहीं दे सकते

जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिया यह आदेश

Spread the love

नई दिल्‍ली :  कोहिनूर हीरे को भारत वापस लाने की मांग वाली दो जनहित याचिकाओं को शीर्ष न्यायालय ने खारिज कर दिया है। याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर के नेतृत्व वाली तीन न्यायाधीशों शुक्रवार को कहा है कि, “हम इस बारे में कोई आदेश नहीं दे सकते, कोर्ट विदेशी सरकार को इसे नीलाम नहीं करने को भी नहीं कह सकता।” इसी के साथ कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई बंद करने का आदेश दिया।

इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गयी कि अगर केंद्र मामले में कूटनीतिक कदम उठाएं तो देश की बहुमूल्य वस्तुओं को वापस लाया जा सकता है। केंद्र के इस कदम की निगरानी कोर्ट द्वारा करने की मांग की गयी थी। जिस पर कोर्ट की ओर से कहा गया कि वो सरकार की कूटनीतिक कोशिशों की निगरानी नहीं कर सकता है। मामले में पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच की ओर से मामले में केंद्र सरकार से हलफनामा दाखिल करने को कहा गया था कि आखिर कोहिनूर हीरे को वापस लाने को लेकर सरकार की ओर से क्या कोशिशें की जा रही हैं।

बता दें कि कोहिनूर हीरे के मुद्दे पर वर्ष 2016 में केंद्र की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया था। इस हलफनामे में कहा गया था कि जब महाराजा दिलीप सिंह नाबालिग थे, उस वक्त इस पर ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा कब्जा कर लिया गया। ऐसे में इस हीरे पर भारत का हक बनता है। जबकि दूसरी ओर कहा जाता है कि राजा ने इस हीरे को बतौर तोहफा दिया था।

You might also like More from author

Comments are closed.

Optimization WordPress Plugins & Solutions by W3 EDGE