अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटकों के आगमन सूचकांक में भारत की रैंकिंग बेहतर

यूएनडब्‍ल्‍यूटीओ की परिभाषा के मुताबिक, अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटकों के आगमन (आईटीए) में दो अवयव यथा विदेशी पर्यटकों का आगमन (एफटीए) और अनिवासी देशवासियों का आगमन शामिल हैं।

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यूएनडब्‍ल्‍यूटीओ की परिभाषा के मुताबिक, अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटकों के आगमन (आईटीए) में दो अवयव यथा विदेशी पर्यटकों का आगमन (एफटीए) और अनिवासी देशवासियों का आगमन शामिल हैं। यूएनडब्‍ल्‍यूटीओ ने अपने बैरोमीटर में आईटीए के लिहाज से विभिन्‍न देशों की रैंकिंग की है। भारत में अब तक केवल एफटीए के आंकड़ों का ही संकलन होता रहा है। हालांकि, भारत ने अब अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के आगमन के आंकड़ों का भी संकलन शुरू कर दिया है। वर्ष 2014 और वर्ष 2015 के दौरान क्रमश: 5.43 मिलियन तथा 5.26 मिलियन एनआरआई का आगमन हुआ। तदनुसार, वर्ष 2014 और वर्ष 2015 के दौरान भारत में आईटीए की संख्‍या क्रमश: 13.11 मिलियन और 13.28 मिलियन आंकी गई। आईटीए का डेटा अब अंतर्राष्‍ट्रीय सिफारिशों के अनुरूप हो गया है, जिसमें एनआरआई और एफटीए दोनों का आगमन शामिल है। इस आंकड़े को शामिल करने की बदौलत भारत की बेहतर रैंकिंग को अब यूएनडब्‍ल्‍यूटीओ द्वारा स्‍वीकार कर लिया गया है, जो वास्‍तविक एवं तुलनीय परिदृश्‍य को दर्शाती है। मार्च, 2017 के लिए नवीनतम यूएनडब्‍ल्‍यूटीओ बैरोमीटर के मुताबिक, अंतरराष्‍ट्रीय पर्यटकों के आगमन के लिहाज से भारत की रैंकिंग 2014 और 2015 दोनों ही वर्षों में 24वीं रही, जबकि इन दोनों वर्षों में भारत की पिछली रैंकिंग क्रमश: 41 और 40 थी। इसे शामिल करने के बाद आईटीए में भारत की हिस्‍सेदारी भी वर्ष 2015 में 0.68 फीसदी (एफटीए पर आधारित) से बढ़कर 1.12 फीसदी हो गई है। इससे पहले यात्रा एवं पर्यटन प्रतिस्‍पर्धी सूचकांक (टीटीसीआई), 2017 में भी भारत की रैकिंग ने वर्ष 2015 के मुकाबले 12 पायदानों की छलांग लगाई थी। 2017 की टीटीसीआई रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग 40वीं थी, जबकि वर्ष 2015, 2013 और 2011 में यह क्रमश: 52वीं, 65वीं और 68वीं थीं।

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