केन्‍द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्‍य मंत्री अनिल माधव दवे के निधन पर शोक

दिल्‍ली और सभी राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों की राजधानियों के ऐसे सभी भवनों में राष्‍ट्रीय ध्‍वज झुके रहे

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भारत सरकार ने आज अत्‍यंत दुख से केन्‍द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार)अनिल माधव दवे के निधन की घोषणा की है। केन्‍द्र ने निर्णय लिया है कि दिवंगत आत्‍मा के सम्‍मान में आज दिल्‍ली और सभी राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों की राजधानियों के ऐसे सभी भवनों में राष्‍ट्रीय ध्‍वज झुके रहेंगे, जहां नियमित रूप से राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराये जाते हैं। इसके अलावा उनके अंतिम संस्‍कार किये जाने वाले शहर में उस दिन राष्‍ट्रीय ध्‍वज झुके रहेंगे। उपराष्ट्रपति तथा राज्यसभा के सभापति श्री एम हामिद अंसारी ने पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री अनिल माधव दवे के निधन पर शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में अंसारी ने कहा कि दवे 2009 से राज्यसभा के सक्रिय तथा सम्मानित सदस्य थे। उनके साथ काम करने वाले सभी लोगों को उनकी कमी खलेगी। दवे सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और उनके साथ संवाद से खुशी होती थी। वे अगस्त 2009 से मध्य प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य थे। सदन में उनके निष्पक्ष और स्तरीय हस्तक्षेप से शांति कायम हो जाती थी। जमीनी स्तर पर लोकतंत्र और विकास में उनकी दृढ़ आस्था थी। उन्होंने मासिक पत्रिका चरैवेती तथा जन अभियान परिषद पत्रिका का संपादन किया।
दवे ने एक बार नर्मदा किनारे 18 घंटे तक सेसना 173 विमान उडाकर अपनी परिक्रमा पूरी की। उन्होंने 19 दिनों में नर्मदा नदी में 1312 किलोमीटर नौका यात्रा की। उनका जन्म 6 जुलाई 1956 को हुआ। इसी दिन जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का भी जन्म हुआ था।”
केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय सूचना और प्रसारण शहरी विकास, आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्री श्री एम वेंकैया नायडू और केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने उनके निधन में शोक व्यक्त किया।

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