निर्वाचक मंडल में शामिल 33 फीसदी सांसद- विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले

द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स एंड नेशनल इलेक्शन वॉच ने यह जानकारी 4,896 में से 4,852 विधायकों व सांसदों के हलफनामे के विश्लेषण के आधार पर दी है।

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देश नए राष्ट्रपति चुनाव को लेकर तैयारी जोरों पर है। वहीं निर्वाचक मंडल को लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। दावा किया गया है कि निर्वाचक मंडल में शामिल लगभग 33 फीसदी विधायकों तथा सांसदों ने घोषणा पत्र में अपने खिलाफ आपराधिक मामला होने की जानकारी दी है। द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स एंड नेशनल इलेक्शन वॉच ने यह जानकारी 4,896 में से 4,852 विधायकों व सांसदों के हलफनामे के विश्लेषण के आधार पर दी है।

राष्ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को होगा। केंद्र में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने रामनाथ कोविंद को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि विपक्ष ने लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है।

निर्वाचक मंडल में महिलाओं की संख्या केवल नौ फीसदी है। 4,852 सांसदों व विधायकों में महिलाओं की संख्या केवल 451 है। रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा के 543 सांसदों में से 184 (33 फीसदी), राज्यसभा के 231 सांसदों में से 44 (19 फीसदी) तथा सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 4,078 विधायकों में से 1,353 (33 फीसदी) ने अपने घोषणापत्रों में खुद के खिलाफ आपराधिक मामले की घोषणा की है।

4,852 सांसद व विधायकों में से 993 (20 फीसदी) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, “जिन विधायकों तथा सांसदों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है, उनका कुल वोट 3,67,393 (34 फीसदी) है, जबकि कुल वोट 10,91,472 है।’ 4,852 सांसदों व विधायकों में से 3,460 (71 फीसदी) ने चुनाव लड़ते वक्त निर्वाचन आयोग को दी गई जानकारी में खुद को करोड़पति बताया है। मतदाता मंडल में शामिल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 31 फीसदी, कांग्रेस के 26 फीसदी, तृणमूल कांग्रेस के 29 फीसदी, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 49 फीसदी तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के 58 फीसदी विधायकों व सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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