मुकुल रॉय ने टीएमसी से दिया इस्तीफा, कहा- पार्टी में सब साथी होते हैं, नौकर नहीं

पार्टी में ममता बनर्जी के बाद कभी नंबर दो की हैसियत मुकुल रॉय रखते थे।

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मुकुल रॉय ने बीजेपी पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की थी जिसके बाद से सियासी गलियारों में उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

बागी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता मुकुल राय ने शनिवार को पार्टी और अपनी राज्य सभा सीट छोड़ दी। इस्तीफा सौंपने के तीन दिन पहले टीएमसी नेता ने बीजेपी पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की थी जिसके बाद से सियासी गलियारों में उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

राय ने अपना इस्तीफा सौंपने के लिए राज्यसभा के सभापति

एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की। इस्तीफा सौंपने के बाद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीएमसी नेता ने कहा कि उन्हें इस्तीफे के

लिए मजबूर किया गया है और वह ‘भारी मन’ से इस्तीफा दे रहे हैं।

पार्टी में ममता बनर्जी के बाद कभी नंबर दो की हैसियत

रखने वाले राय ने कहा, “सभी को पार्टी में साथी होना चाहिए,

नौकर नहीं, लेकिन व्यक्ति केंद्रित पार्टी ऐसे काम नहीं करतीं।’’

बीजेपी में जाने के कयासों के बीच राय ने कहा कि 1998 में

जब तृणमूल कांग्रेस का पश्चिम बंगाल में भगवा पार्टी से सीटों

को लेकर तालमेल था तब उसके नेतृत्व ने कहा था कि भाजपा सांप्रदायिक नहीं है।

मुकुल रॉय को पिछले महीने पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के

चलते 6 वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया था। पार्टी से

निकाले जाने के बाद मुकुल रॉय ने कहा था कि वह राज्यसभा से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने दुर्गा पूजा के बाद पार्टी की सदस्यता छोड़ने की भी बात कही थी।

हेमंत बिस्व सरमा जैसे उनके समर्थकों का कहना है कि रॉय आने वाले दिनों में बंगाल में तृणमूल को पछाड़ेंगे। हालांकि उनके विरोधियों का कहना है कि ममता बनर्जी के बगैर उनमें कोई दम नहीं होगा। तृणमूल के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा, उनका राजनीतिक करियर ढलान पर है और जल्द ही खत्म होने के कगार पर आ जाएगा। भाजपा को खुश करने के उनके प्रयासों का कोई परिणाम नहीं निकलने वाला है।

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