चीन ने सेना में शामिल किया टैंक, डोकलाम विवाद समय किया था परीक्षण

चीन ने बहुप्रचारित हल्का टैंक सेना में शामिल किया

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चीन ने अपनी सेना में लाइट वेट बैटल टैंक को शामिल किया, भारत के साथ डोकलाम पर विवाद के दौरान अपने हल्के युद्ध टैंक का भी प्रदर्शन किया है।

चीन ने अपनी सेना में लाइट बैटल टैंक को

शामिल किया है। चीनी सेना ने डोकलाम

विवाद के दौरान इस टैंक का तिब्बत में

परीक्षण किया था। पहली बार किसी सैन्य

प्रदर्शनी में इस टैंक की तस्वीर दिखाई गई

है। इस टैंक की खास ताकत 105-एमएम

गन है, जो गोले और मिसाइल दोनों ही फायर

कर सकती है। चीनी सेना ने इस टैंक की

तैनाती की पुष्टि करते हुए कहा है कि पहाड़ी

इलाकों में लड़ाई के लिए यह ज्यादा उपयुक्त है।

चीन का ये लाइटवेट टैंक तब सुर्खियों में आया,
जब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने जून के महीने में
तिब्बत में इसका ट्रायल किया। PLA के स्पोक्सपर्सन
कर्नल किआन ने कहा था, “ये ट्रायल केवल तिब्बत
की जमीन पर इस बैटल टैंक की क्षमता परखने के
लिए किया जा रहा है। हमारी इस एक्सरसाइज का
और मकसद नहीं है और ना ही कोई देश हमारे निशाने
पर है।” वहीं इस टैंक पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में
कहा गया है कि इस टैंक में उच्चतर बैरल और 968
टैंक की तुलना में बेहतर रक्षा है। इसके साथ ही
भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले टी -90 युद्धक टैंक से बेहतर होने का दावा किया है। PLA अकादमी ऑफ मिलिट्री साइंस के एक उपकरण शोधकर्ता डू वेनलॉन्ग ने कहा कि यह टैंक चीन के दक्षिणी क्षेत्रों और पठारों पर संचालित करने के लिए बनाया गया जिसका सीधा अर्थ तिब्बत के साथ भारतीय सीमा से जुड़ना है। विशेषज्ञों के मुताबिक कम तापमान पर भी इस टैंक का इस्तेमाल किया जा सकता है। पीएलए नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में अनुसंधानकर्ता गे लाइड ने बताया कि हालांकि यह टैंक वजन में हल्का है, लेकिन इसकी मारक क्षमता बहुत ज्यादा है।

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