कश्मीर की स्थिति सुधार के लिए अलगाववादी से बातचीत जरूरी : महबूबा मुफ्ती

राज्य के बिगड़ते हालत के बीच पीएम मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री से की मुलाकात

0 1,564

नई दिल्ली : कश्मीर में बिगड़ते हालतों के बीच राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने राज्य में गठबंधन सरकार और राज्य के हालात सहित अन्य प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की। इसमें केन्द्र के कल्याण के लिए केन्द्र द्वारा गंभीरता से विचार करने के साथ ही अलगाववादी के साथ बातचीत जैसे मुद्दे प्रमुख है।

मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बताया कि उन्होंने पीएम मोदी से साफ शब्दों में कहा है किसी न किसी लेवल पर बातचीत जरूरी है। इसके लिए उन्होंने कश्मीर समस्या के हल हेतु वाजपेयी की नीति पर जोर दिया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बंदूकें और पत्थरों की छाया में कोई बातचीत नहीं हो सकती है, लेकिन घाटी की स्थिति में सुधार होने पर अलगाववादियों के साथ बातचीत हो सकती है। मुफ्ती के मुताबिक सेना पर पत्थरबाजी करने वाले तो मात्र एक माध्यम है। इन्हें तो बस उकसाया जा रहा है। पत्थरबाजी और गोली के बीच बातचीत नहीं हो सकती। वहीं राज्य में राज्यपाल शासन लगाने के सवाल पर महबूबा ने कहा कि ये केंद्र से पूछा जाना चाहिए.

मालूम हो कि पीएम मोदी से मिलने के बाद राज्य में गठबंधन को लेकर जारी अटकलों पर भी विराम लग गया है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि गठबंधन को लेकर मतभेद सुलजाने पर काम होगा। राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला केंद्र को लेना है। इस बीच भाजपा ने कहा कि राज्य में गठबंधन सही दिशा में काम कर रहा है। सिंधु जल समझौते के बारे में महबूबा मुफ्ती ने बताया कि सिंधु जल समझौते से कश्मीर को नुकसान है। पीएम मोदी ने इस पर विचार करने की बात कही।

इस बीच, गृह मंत्रालय में कश्मीर के हालात को लेकर उच्च स्तरीय बैठक भी हुई। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर के हालात को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, डायरेक्टर आईबी, गृह सचिव के साथ राज्य के हालात पर चर्चा की। इससे पहले गत रविवार को हुई नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी ने सभी राज्य सरकारों से अपील की कि अपने-अपने राज्यों में जम्मू-कश्मीर के छात्रों से संपर्क करें। बैठक में महबूबा मुफ्ती ने यह मुद्दा उठाया। राजस्थान के मेवाड़ में कुछ कश्मीरी छात्रों की पिटाई और उत्तर प्रदेश के मेरठ में कश्मीरी छात्रों से राज्य छोड़ने के लिए कहने के बाद यह अपील काफी मायने रखती है। मोदी ने महबूबा के इस सुझाव का समर्थन किया कि दूसरे राज्यों में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों के हितों का राज्यों को ख्याल रखना चाहिए।

मालूम हो कि राजस्थान के मेवाड़ विश्वविद्यालय में कश्मीर के छह छात्रों की कुछ स्थानीय लोगों ने पिटाई कर दी थी। मेरठ में भी एक होर्डिंग लगाकर कश्मीरी छात्रों से उत्तर प्रदेश छोड़ने के लिए कहा गया था।

 

You might also like More from author

Comments

Loading...