नासा के पार्कर सोलर प्रोब की दूसरी सूर्य परिक्रमा प्रारंभ

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  • अंतरिक्ष यान ने बना डाले अनेक रिकार्ड दी जानकारी

  • पृथ्वी से 161 दिन पहले हुआ है रवाना

  • कुल 24 बार सूर्य के चक्कर काटकर लौटेगा

  • नियंत्रण कक्ष तक भेज रहा है ढेर सारा डाटा

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः नासा द्वारा भेजा गया अंतरिक्ष यान पार्कर सोलर प्रोब अब सूर्य की दूसरी परिक्रमा में जुट गया है। वह पहले ही एक खास दूरी से सूर्य के चक्कर काट रहा है।

इस क्रम में उसने पहले भी सूर्य की वह तस्वीरें भेजी थी, जिधर से सूर्य को वैज्ञानिक अब तक देख ही नहीं पाये थे।

इस यान को सूर्य के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए ही रवाना किया गया था।

अपनी इस यात्रा में इस यान ने अब तक कई रिकार्ड बनाये हैं।

इसके तहत सबसे अधिक दूरी तक की यात्रा एवं सबसे तेज गति के यान का रिकार्ड भी इसी यान के नाम पर हुआ है।

पार्कर सोलर प्रोब के बारे में नासा का वीडियो देखें

https://www.nasa.gov/feature/goddard/2018/nasa-prepares-to-launch-parker-solar-probe-a-mission-to-touch-the-sun

नासा के इस यान को पृथ्वी पर से 161 दिन पहले रवाना किया गया था।

उसने सूर्य की परिधि का पहला चक्कर 19 जनवरी को पूरा किया।

इसके बाद वह दूसरे चक्कर में सूर्य के और करीब पहुंचने वाला है।

यान को अपनी यात्रा में सूर्य का कुल 24 चक्कर काटना है।

इसके तहत वह हर बार पहले के मुकाबले अधिक करीब पहुंचता जाएगा।

यान के अंदर वैज्ञानिक उपकरणों को गर्म होने से बचाने के लिए अतिरिक्त उपाय भी किये गये हैं।

सूर्य के दूसरे छोर पर चले जाने के बाद यह यान अपने आंकड़े सुरक्षित रखता चला जाता है।

दोबारा जब वह पृथ्वी स्थित अपने नियंत्रण कक्ष के संपर्क में आता है तो पहले से सुरक्षित रखा डाटा भेज देता है।

इस क्रम में अब तक 17 गीगाबाइट डाटा प्राप्त किया गया है।

नासा का यह यान बिल्कुल योजना के मुताबिक ही काम कर रहा है

इस सौर अभियान से जुड़े जॉन हापकिंस विश्वविद्यालय के एंडी ड्राइसमैन ने कहा कि

पार्कर प्रोब का पहला चक्कर ही अनेक रहस्यों की जानकारी देने वाला साबित हुआ है।

उन्होंने इस बात पर भी खुशी व्यक्त की कि शोध दल ने इस यान की दिशा और गति के बारे में

बिल्कुल सटीक पूर्वानुमान लगाया था।

यह यान अब तक पहले से निर्धारित दिशा और धुरी पर ही चल रहा है।

पार्कर सोलर प्रोब का यह दूसरा चक्कर पूरा होने के बाद उसमें सुरक्षित रखे गये सारे आंकड़े निकाल लिये जाएंगे

ताकि उपकरण को अतिरिक्त डाटा सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जा सके।

अप्रैल के चक्कर काटते वक्त इस यान की सूरज से दूरी करीब 150 लाख मील होगी।

इसके पूर्व वर्ष 1976 में भेजा गया यान हैलियस 2 सूर्य के 270 लाख मील की दूरी तक पहुंचा था।

इस बार भेजे गये यान को खास तौर पर सूरज के छोर और केंद्र में होने वाली तमाम गतिविधियों के बारे में जानकारी एकत्रित करने के मकसद से भेजा गया है।

इसके तहत यान अब तक सही सही आंकड़े एकत्रित कर अपने नियंत्रण कक्ष तक भेज रहा है।

वैज्ञानिक इन्हीं आंकड़ों के मदद से सूर्य की गतिविधियों के बारे में और अधिक जानकारी हासिल करना चाह रहे हैं।

नासा के पार्कर सोलर प्रोब पर पहले की खबरें

पार्कर सोलर प्रोब अब भी अपने तय मार्ग पर आगे बढ़ता हुआ  

शुक्र ग्रह के करीब से ऐसी नजर आती है पृथ्वी पार्कर प्रोब ने भेजी तस्वीर  

पार्कर सोलर प्रोब ने बना दिया नया रिकार्ड सूर्य के सबसे करीब पहुंचा  

नासा का पार्कर सोलर प्रोब सूर्य के और निकट पहुंचा   

सूर्य की परिक्रमा कर रहे तीसरे यान ने पहली बार दी सूर्य की अनोखी जानकारी

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