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नीति आयोग की ऑनलाइन बैठक में मुख्यमंत्रियों और अन्य राज्य प्रमुखों से चर्चा की

  • नरेंद्र मोदी का बयान आज भी किसानों पर फोकस रहा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः नीति आयोग की छठी गर्वनिंग काउंसिल की बैठक में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र

मोदी ने किसानों की बात की। उन्होंने कहा कि देश के कृषि क्षेत्र को तकनीक और धन की

आवश्यकता है। इसके जरिए हमारा देश आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल कर

सकता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर के हिसाब के देश के किसानों को बेहतर आधारभूत

ढांचा और आधुनिक तकनीक की भी जरूरत है। इन सभी के लिए पूंजी निवेश जरूरी है।

श्री मोदी ने कहा कि देश में आयातित होने वाले खाद्य तेलों का बहुत बड़ा हिस्सा रोका जा

सकता है। इन आयातित तेलों का लाभ देश के किसानों को भी दिया जा सकता है। इससे

विदेशी पूंजी की बचत होगी और देश के किसानों को भी लाभ मिलेगा। इस ऑनलाइन

बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों को अपने अपने इलाके के मौसम के हिसाब से रणनीति

बनाने की बात कही। इससे संबंधित राज्यों के किसानों को भी खेती में मदद मिलेगी।

नीति आयोग  की बैठक में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी

ने कहा कि हम अक्सर ही यह कहते हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश हैं लेकिन इस कृषि

प्रधान देश का दावा करने के बाद भी हमें हर साल 65 से 70 हजार करोड़ रुपये मूल्य का

खाद्य तेल आयात करना पड़ता है। इस पूंजी को विदेश जाने से रोककर हम इसका लाभ

देश के किसानों के दिला सकते हैं। अगर इस दिशा में बेहतर काम हुआ तो हम खाद्य तेलों

का निर्यात कर अतिरिक्त विदेशी मुद्रा भी कमा सकेंगे।

नीति आयोग की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर बात की मोदी ने

किसान आंदोलन के जारी रहने के बीच ही श्री मोदी ने परोक्ष तौर पर अनाज के भंडारण का

भी उल्लेख किया। बताते चलें कि किसान आंदोलन के दौरान ही अडानी समूह द्वारा पहले

से ही जमीन की खरीद कर बड़े बड़े अनाज भंडार तैयार करने पर भी किसान नेताओं ने

सवाल खड़े किये हैं। श्री मोदी ने कहा कि निजी क्षेत्रों से इसमें पूंजी निवेश के साथ ही ऐसे

कामों में सरकार का कम दखल हो, उसके उपाय किये गये हैं। श्री मोदी ने कहा कि हाल ही

में केंद्र सरकार ने करीब डेढ़ हजार कानूनों को खत्म कर दिया है क्योंकि उनकी उपयोगिता

इस दौर में नहीं रह गयी थी। उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि जनता के ऊपर इस

किस्म का नाहक दबाव भी अब कम किया जाना चाहिए। देश के कृषि क्षेत्र का उल्लेख

करते हुए उन्होंने समुद्री मछुआरों की भी चर्चा की। इससे स्पष्ट हो गया कि उनके ध्यान

अब तमिलनाडू और केरल की तरफ भी है। जहां के बारे में श्री मोदी ने कहा कि इन राज्यों

से मछली का निर्यात भी कृषकों को आर्थिक लाभ दे सकता है।

निजी पूंजी निवेश की जरूरत भी बतायी इस बैठक में 

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में सभी ने देखा है कि कैसे केंद्र और राज्य सरकारों ने

मिलकर काम किया है। इससे पूरी दुनिया में भारत की अच्छी छवि बनी है। आजादी के 75

साल पूरे करने के दौरान हमें इन मुद्दों पर अभी और ध्यान देना होगा। उन्होंने राज्य

सरकारों से भी पूंजी आमंत्रित करने की दिशा में पहल करने की अपील की

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