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चीन के अंतरिक्ष यान के रोवर ने अपने रहस्यमयी झोपड़ी का राज खोला




  • चांद पर नजर आयी झोपड़ी एक पत्थर निकली
  • यूटू 2 के पहली बार नवंबर में भेजी थी तस्वीर
  • इंटरनेट पर दूसरे ग्रह के प्राणी की चर्चा फैली थी
  • यान ने नजदीक से फिर से इसकी तस्वीर भेज दी है
राष्ट्रीय खबर

रांचीः चीन के अंतरिक्ष यान यूटू 2 के रोवर ने पिछले नवंबर माह में एक तस्वीर भेजी थी। यह रोवर चांद के पिछले हिस्से में लगातार अनुसंधान और नमूना संग्रह के लिए इधर उधर घूम रहा है। जब इस यान से तस्वीर उसके नियंत्रण कक्ष तक पहुंची तो यह चर्चा का विषय बन गया था।




दरअसल इस तस्वीर में काफी दूरी पर एक ऐसा आकार दिख रहा था, जो झोपड़ी अथवा पत्थऱ से बने किसी घर के जैसी थी। दूसरे ग्रह के प्राणियों के बारे में जानने के उत्साहित नेट जगत लगातार इसमें अपनी बात कहने लगा था। वैज्ञानिक भी इस तस्वीर में नजर आने वाली आकृति को देखकर साफ साफ कुछ कहने की स्थिति में नहीं थे। अब चीन के अंतरिक्ष यान ने नजदीक जाकर इस आकार की पहचान की है, जिससे सारी शंकाओं का समाधान हो गया है।

चीन के अंतरिक्ष यान की तस्वीर से हंगामा मचा था

नजदीक से इस आकार की जब तस्वीर खींची गयी तो यह एक बड़े आकार का पत्थर निकला। यह पत्थर ही काफी दूरी से देखे जाने की वजह से किसी झोपड़ी अथवा पत्थर से तैयार घर के जैसा सामने से नजर आ रहा था। इससे पहले इस आकार को देखकर नेट पर सक्रिय रहने वालों ने फिर से किसी दूसरे ग्रह के प्राणी का चांद पर आवास होने के लेकर तरह तरह की बयानबाजी की थी।

चीन का अंतरिक्ष यान यूटू 2 दरअसल चांद के उस भाग पर उतरा है, जो धरती से कभी नजर नहीं आता है। धरती से ओझल रहने वाले इस इलाके से ही ऐसी तस्वीर आने की वजह से चर्चा का माहौल गर्म हो गया था। जब यह तस्वीर पहली बार देखी गयी थी तो चीन के वैज्ञानिको ने भी इसे मिस्ट्री हट यानी रहस्यमय झोपड़ी करार दिया था।




बाद में अपने निर्धारित कार्यक्रमों को पूरा करते हुए चीन के अंतरिक्ष यान के रोवर को इस दिशा में और आगे भेजा गया। नजदीक जाने पर इसकी तस्वीर और साफ हुई तो सारे भेद खुल गये। यानी चांद पर दूसरे ग्रह के प्राणी के घर के तौर पर जिसे इंटरनेट पर प्रचारित किया जा रहा था वह पूरी तरह एक पत्थर का टुकड़ा निकला। सामने से यह सिर्फ एक झोपड़ी अथवा पत्थर से बने घर की आकार का नजर आ रहा था।

रोवर को उसके करीब जाने में काफी वक्त लगा

रोवर को वहां तक पहुंचने में काफी वक्त लगा और करीब अस्सी मीटर की दूरी से जब इस रोवर ने तस्वीर खींची तो सारी दुविधाएं समाप्त हो गयी। किसी वजह से इस पत्थर के एक तरफ का आकार ही कुछ ऐसा हो गया था, जिसकी वजह से यह भ्रम फैला था। दूसरी तरफ से यह पत्थर ही नजर आता है।

इसकी नई तस्वीर भी रोवर ने अपने नियंत्रण कक्ष को भेज दी है। चीन के अंतरिक्ष यान को करीब तीन वर्ष पूर्व चांद पर भेजा गया था। उसके बाद से वह लगातार अपना काम कर रहा है। उससे मिल रहे आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि चांद का यह इलाका पृथ्वी से नजर नही आता है।



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