म्यानमार में भारत विरोधियों के खिलाफ अभियान, चीन अब भी सुस्त

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उत्तर पूर्व के आतंकवादियों के ठिकानों पर छापामारी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः म्यानमार ने उत्तर पूर्व में सक्रिय आतंकवादी गुटों के खिलाफ अपने यहां अभियान प्रारंभ किया है।

म्यानमार की सीमा के अंदर अनेक भारत विरोधी गुट सक्रिय हैं।

पहली बार वहां की सेना ने इनके खिलाफ अभियान छेड़ा है।

इसके पहले एक बार भारतीय सेना ने म्यानमार की सीमा के अंदर घुसकर

भारत विरोधी आतंकवादियों कई शिविर ध्वस्त कर दिये थे।

म्यानमार के इस अभियान को भारत के साथ उसके सुधरते रिश्ते के तौर पर देखा जा रहा है।

दूसरी तरफ जानकारी होने के बाद भी चीन की सरकार ने अपने इलाके में सक्रिय ऐसे गुटों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि

पहली बार म्यानमार ने अपने इलाके में सक्रिय भारतीय आतंकवादियों पर कार्रवाई की है।

इससे दोनों देशों के संबंधों में और सुधार होना तय है।

वहां की सेना के सक्रिय होने के बाद म्यानमार में अपना ठिकाना बनाये बैठे अनेक समूहों को अपना ठिकाना बदलना पड़ा है।

खबर है कि इनमें से कुछ गुट चीन की सीमा में चले गये हैं।

लेकिन चीन ने ऐसे आतंकवादी समूहों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

इसके पहले भी अनेक अवसरों पर यह देखा गया था कि उत्तर पूर्व के

आतंकवादी गुटों के सदस्य किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद बांग्लादेश में भाग जाया करते थे।

वहां कड़ाई होने के बाद इन गुटों ने म्यानमार को अपना ठिकाना बना रखा था।

असम के उल्फा के कमांडर परेश बरुआ के बारे में भी कहा जाता है कि

वह इसी देश से अपने संगठन का संचालन कर रहे हैं।

म्यानमार की सेना के दबाव में हट रहे है आतंकी शिविर

सूत्रों के मुताबिक म्यानमार सरकार ने अब तक कोई कोई बड़ा अभियान नहीं छेड़ा है

लेकिन अपने तेवर स्पष्ट कर दिये हैं।

इसी वजह से आतंकवादी गुटों को वहां से हटना पड़ रहा है।

म्यानमार की सीमा के अंदर भी इन प्रतिबंधित समूहों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

कुछ समूहों के साथ वहां की सरकार ने शांति समझौता भी किया है, इनमें नगा विद्रोही गुट भी शामिल है।

भारत सरकार को मिली सूचनाओं के आधार पर यह भी पता चला है कि

निचले तबके के सैनिक अधिकारियों को मिलाकर भी कुछ समूह अपनी गतिविधियों का संचालन कर लेते थे।

अब उस पर भी रोक लगी है। दूसरी तरफ भारत के साथ समझौता होने के बाद भी

चीन सरकार ने अपने इलाके में ऐसी कोई पहल नहीं की है।

उसके इलाके से भी उल्फा सहित कई गुटों के सक्रिय होने की सूचना मिली है।

ये तमाम आतंकवादी संगठन चीन के यूनान प्रांत में सक्रिय हैं और अपनी शिविर चला रहे हैं।

वैसे इस बात की भी जानकारी है कि चीन की सेना के सतर्क होने की वजह से आतंकवादी शिविरों को जल्दी जल्दी हटाना पड़ रहा है।

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