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मुंबई के होटल हयात में जुटे तीन दलों के 162 विधायक

  • अदालती फैसला आने के पहले ही किया बहुमत का प्रदर्शन
  • नेताओं को राज्यपाल कोश्यारी के वापस लौटने का इंतजार
  • देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री का काम काज संभाला
वी शिव कुमार

मुंबईः मुंबई के होटल हयात में तीन दलों के 162 विधायकों की बैठक

हुई। दरअसल इस बैठक का असली मकसद बहुमत का सार्वजनिक

प्रदर्शन करना था। सर्वोच्च न्यायालय में कल इसी बहुमत के मुद्दे पर

फैसला आने के पहले ही तीनों दलों ने राजनीतिक तौर पर भाजपा को

परास्त करने की यह चाल चल दी है। अदालत का फैसला कुछ भी हो

पर बहुमत का फैसला हमेशा सदन के अंदर ही होता है। लिहाजा इसी

चाल के तहत इसे सदन के बाहर मिनी असेंबली करार दिया गया।

शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के सभी विधायक इस वक्त मुंबई के

अलग-अलग होटलों में रुके हुए हैं। रविवार रात भर शिवसेना और

एनसीपी के दिग्गज नेता अपने-अपने विधायकों से मुलाकात करते

रहे। यह तो कल ही स्पष्ट हो गया था कि एनसीपी विधायकों का

बहुमत घोषित तौर पर अपने नेता शरद पवार के साथ ही खड़ा है। श्री

पवार ने यहां के एक अन्य होटल में रुके अपने तमाम विधायकों से भेंट

कर उन्हें निर्देश भी दिये थे। जो विधायक वहां नहीं थे, उनमें से भी दो

लोगों ने अलग अलग माध्यम से अपना समर्थन श्री पवार को देने का

एलान कर रखा है। इस लिहाज से सिर्फ एनसीपी के दो विधायकों को

अजीत पवार के साथ होने का अंदेशा है। अजीत पवार खुद उप

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मीडिया के भागते फिर रहे हैं। इस

बीच कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि उप मुख्यमंत्री पद की

शपथ लेते ही उन्होंने सबसे पहले अपने खिलाफ चल रहे जांच की

फाइल बंद करा दी है।

मुंबई के होटल हयात में विधायकों को संबोधित किया

एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के विधायकों को इस सामूहिक शक्ति

प्रदर्शन के बाद अब तीनों दल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के मुंबई

वापस आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनके मुंबई लौट आने के बाद शायद

उनके सामने भी विधायकों का ऐसा ही शक्ति प्रदर्शन होगा।

मुंबई के होटल हयात में एकत्रित हुए तमाम विधायकों को संबोधित

करते हुए कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि जनता के

चुने हुए विधायक यहां बैठे हैं। सरकार बनाने के लिए हमें मौका

मिलना चाहिए

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