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मुंबई पुलिस में सचिन बाझे को परमवीर सिंह ने ही आगे बढ़ाया था

  • विशेष प्रतिनिधि

मुंबई: मुंबई पुलिस को परेशानी करने वाली घटना है मुकेश अंबानी के घर के बाहर

विस्फोटकों के भरी गाड़ी का रखा जाना। इस मामले में सचिव बाझे को जिम्मेदार ठहराते

हुए एनआईए ने उसे गिरफ्तार किया है। अब मामले की जांच की गाड़ी आगे बढ़ने के बाद

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख का विकेट भी गिर चुका है। खुद श्री देशमुख

नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की बात कहकर भागे भागे दिल्ली पहुंचे हैं और वह

सुप्रीम कोर्ट की शरण में जा सकते हैं। इधर मुंबई पुलिस ने अपनी तरफ से महाराष्ट्र के

गृह विभाग को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें सचिन बाझे के कार्यकाल का

पूरा लेखा जोखा है। पांच पन्नों की इस रिपोर्ट में उसके नौ महीने के कार्यकाल का विवरण

दर्ज है। रिपोर्ट के मुताबिक सचिन वझे को 8 जून 2020 को लोकल आर्म्स यूनिट में

शामिल किया गया था, लेकिन अगले ही दिन 9 जून 2020 को सचिन वझे को तत्कालीन

जॉइंट सीपी क्राइम ने सीआईयू यूनिट में शामिल किया। रिपोर्ट के मुताबिक जॉइंट सीपी

क्राइम ने सचिन वाझे की पोस्टिंग को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के सिर्फ

मौखिक तौर पर कहने पर ही करवाया था। इंस्पेक्टर विनय घोरपड़े और सुधाकर देशमुख

को भी सीआईयू यूनिट में ट्रांसफर किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक सचिन वाझे क्राइम

ब्रांच के किसी भी बड़े अधिकारियों के बजाय सीधे तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर

सिंह को रिपोर्ट किया करता था. इस रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन जॉइंट सीपी क्राइम ने

सचिन की नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन परमबीर सिंह के दबाव में उन्हें साइन

करना पड़ा।

मुंबई पुलिस की रिपोर्ट में परमवीर सिंह पर भी संदेह

बताते चलें कि एंटीलिया केस के सामने आने के बाद ही महाराष्ट्र सरकार ने परमवीर सिंह

के मुंबई के पुलिस कमिशनर पद से हटा दिया था। वर्तमान में वह डीजी होमगार्ड के शंटिंग

पद पर है। पद से हटाये जाने के बाद ही परमवीर सिंह ने यह आरोप लगाया था कि

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख एक सौ करोड़ की उगाही करने के लिए दबाव बनाते

थे। इसी वजह से यह पूरा मामला राजनीतिक तौर पर गरमा गया है। लेकिन इतना कुछ

होने के बाद भी अब तक वह कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से सचिन बाझे ने

एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों को गाड़ी में रखा था। यानी वहां विस्फोटक रखने का इस

पूरी घटना से क्या कनेक्शन हैं, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

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