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मुकेश चौरसिया को जमीन विवाद और दोस्तों से दगा करना पड़ा महंगा




  • जमीन और पैसे के विवाद में दोस्तों ने ही साजिश कर कराई हत्या

  • हत्या के बाद मृतक के परिवार के साथ ही घूम रहे थे आरोपी

  • एसपी लिपि सिंह की टीम ने हत्याकांड का किया पर्दाफाश

  • 06 देसी कट्टा 07 गोली ,दो खोखा 4 मोबाइल बरामद

रंजीत सत्यार्थी

मुंगेरः मुकेश चौरसिया हत्याकांड में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।




विगत 04 जून को ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र में मुकेश चौरसिया नाम के एक व्यक्ति की

हत्या हो गई थी पुलिस ने इस हत्या को चुनौती के तौर पर लिया और तत्काल छापेमारी

शुरू की गई । सदर एसपी के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया था।

वीडियो में जानिये सारा घटनाक्रम

इस टीम में सदर एएसपी हरिशंकर कुमार, जमालपुर सर्किल इंस्पेक्टर पंकज कुमार सिंह,

एसआईओयू प्रभारी इंस्पेक्टर विनय सिंह, कासिम बाजार थानाध्यक्ष शैलेश कुमार, ईस्ट

कॉलोनी थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, जमालपुर थानाध्यक्ष रंजन कुमार के अलावा जिला

आसूचना इकाई की टीम को शामिल किया था। सर्वप्रथम मुकेश चौरसिया हत्या कांड के

प्राथमिकी नामजद अभियुक्त गौतम शर्मा और सुमन प्रकाश की गिरफ्तारी हुई है। सुमन

प्रकाश और गौतम शर्मा का मुकेश चौरसिया से विवाद चल रहा था। सुमन प्रकाश और

गौतम शर्मा ईस्ट कॉलोनी थाना अंतर्गत नया गांव के रहने वाले हैं और दोनों की

निशानदेही पर जमालपुर थाना क्षेत्र के छोटी दौलतपुर में छापामारी की गई। छापामारी के

दौरान रॉबिन राज और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया है। रॉबिन राज और राहुल

कुमार के घर हत्या में प्रयुक्त हथियारों को बरामद किया गया है। मुकेश चौरसिया को कुल

चार गोलियां मारी गई थी और चार देसी कट्टा का इस्तेमाल हत्या में हुआ था। पुलिस ने

हत्या में प्रयुक्त चारों हथियारों को बरामद कर लिया है। सुमन प्रकाश और गौतम शर्मा के

पास से भी दो देसी कट्टा बरामद किया गया है। हत्याकांड का खुलासा करते हुए लेडी

सिंघम सह मुंगेर एसपी लिपि सिंह ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में

बताया कि सुमन प्रकाश के घर में मृतक मुकेश चौरसिया का गोदाम था। मृतक प्लास्टिक

का कारोबार करता था।

मुकेश चौरसिया से पैसे के लेनदेन को लेकर नाराज थे सभी

मुकेश चौरसिया की हत्या में सुमन प्रकाश और गौतम शाह की बड़ी भूमिका थी। दोनों ने

काफी साफगोई से एक बड़ी साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। सुमन

प्रकाश, गौतम शर्मा और मुकेश चौरसिया दोस्त थे। दोनों में पूर्व से विवाद भी चल रहा था।

इसके बावजूद तीनों हमेशा साथ रहा करते थे। सुमन प्रकाश ने साढ़े चार लाख रुपए मूल्य

का प्लास्टिक बेच दिया था, जिस कारण मुकेश चौरसिया का उससे विवाद चल रहा था।

सुमन प्रकाश की एक जमीन को भी तेईस लाख रुपए में मुकेश ने किसी दूसरे व्यक्ति के




हाथों बेच दिया था और सुमन को सिर्फ बारह लाख रुपए मिले थे। प्लास्टिक चोरी के

विवाद और जमीन बेचे जाने में 23 लाख के बदले सिर्फ 12 लाख रुपए मिलने के कारण भी

सुमन प्रकाश और मुकेश चौरसिया के बीच अनबन चल रही थी। दोनों के बीच कई बार

विवाद भी हो चुका था। वहीं, गौतम शर्मा का भी जमीन को लेकर मुकेश चौरसिया से

विवाद चल रहा था। नया गांव की एक जमीन को छब्बीस लाख रुपए में एग्रीमेंट कराया

गया था। समझौते के मुताबिक गौतम को छह लाख रुपए मूल्य की जमीन मिलनी थी

लेकिन गौतम पूरी जमीन को हड़पना चाहता था और इसी के बाद गौतम प्रकाश ने मुकेश

चौरसिया योजना बनाई।

अपराधियों को लगता था वह खुद हमला करा सकता है

गौतम शर्मा ने सुमन के साथ मिलकर हत्या के लिए उसे प्रेरित किया और कहा कि यदि

मुकेश का उपाय नहीं किया गया तो मुकेश, सुमन की हत्या करा देगा। सुमन और गौतम

ने मिलकर दूसरे अपराधियों को साथ किया। गौतम ने मुकेश को फोन कर बाहर बुलाया

था और खुद जाकर दूसरी जगह खड़ा हो गया था । ताकि किसी को उस पर शक ना हो और

सुमन प्रकाश के कहने पर जैकी, विशाल, राजकुमार ने मिलकर हत्या की वारदात को

अंजाम दिया। हत्या के बाद भी सुमन प्रकाश और गौतम शर्मा पीड़ित परिवार के साथ बने

रहे। ताकि किसी को उनपर शक ना हो। हत्या के बाद दोनों ने शहर में उपद्रव मचाने और

सड़क जाम करने का भी सुझाव पीड़ित परिवार को दिया था। ताकि किसी को हत्याकांड में

इनकी संलिप्तता पर शक ना हो। एसपी लिपि सिंह ने बताया कि मुकेश चौरसिया की

हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी। लेकिन पुलिस ने 24 घंटे के

अंदर अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा हत्या में इस्तेमाल अपराध हथियारों क को भी

बरामद कर लिया गया है। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार चारों अपराधियों के खिलाफ

आरोप पत्र समर्पित कर स्पीडी ट्रायल की अनुशंसा की जाएगी।

24 घंटे के अंदर पूरे मामले का उद्भेदन

मुकेश चौरसिया की हत्या का मामला निश्चित तौर पर पुलिस के लिए चुनौती थी। लेकिन

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के अंदर पूरे मामले का खुलासा कर

दिया। प्राथमिकी नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा हत्याकांड में इस्तेमाल हथियारों

की बरामदगी निश्चित तौर पर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

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