fbpx Press "Enter" to skip to content

बेहद मजबूत जबड़ा वाले डायनासोर का पता चला

  • किलिंग मशीन नाम से ख्यातिप्राप्त है यह प्रजाति
  • पूरी दुनिया में सबसे ताकतवर जबड़ा है

नई दिल्ली: बेहद मजबूत जबड़े वाला नयी प्रजाति का डायनासोर का

फॉसिल मिला है। पूरी तरह सुरक्षित अवस्था में पायी गये इन अवशेषों

से उसके बारे में वैज्ञानिकों को तुरंत ही बेहतर जानकारी मिल पायी है।

दुनिया में वैसे तो कई ऐसे जीव-जंतु हैं, जो बेहद खतरनाक हैं। उनके

नाम मात्र से इंसान डर जाता है, लेकिन नाम जब दुनिया के सबसे

पुराने आदमखोर डायनासोर का आता है तो ये डर कई गुना बढ़ जाता

है।

डायनासोर ऐसा जानवर है, जिसकी कल्पना मात्र से ही रूह कांप जाती

है। विज्ञान की भाषा में इस डायनोसोर को ग्नाथोवोरैक्स कैब्रिरे कहते

हैं। ब्राजील के दक्षिणी प्रांत में कुछ शोधकतार्ओं को इस अनूठे

डायनासोर का जीवाश्म मिला है। अब तक के इतिहास में ये पहली बार

है कि जब ग्नाथोवोरैक्स कैब्रिरे को शोधकतार्ओं ने खोज निकाला।

माना जाता है कि ये नरभक्षी डायनासोर पृथ्वी पर उस वक़्त पाया

जाता था जब पृथ्वी के सारे महादेश अलग भी नहीं हुए थे। ब्राजील उस

वक्त पैंजिया का ही हिस्सा हुआ करता था। पैंजिया के दौर में पृथ्वी पर

पानी एक तरफ था और जमीन एक तरफ यानि उत्तर और दक्षिण

अमेरिका की धरती उस वक्त बंटी भी नहीं थी।

ब्राजील में इस डायनासोर की मौजूदगी 23 करोड़ साल पहले थी।

इतिहासकारों और वैज्ञानिकों के लिए इस डायनासोर के जीवाश्म का

मिलना बहुत बड़ी सफलता मानी जा रही है।

बेहद मजबूत जबड़े वाला यह आक्रामक प्राणी था

नयी प्रजाति का डायनासोर अब तक के सबसे मजबूत जबड़ों वाला

जानवर रिपोर्ट के मुताबिक, इस डायनासोर का जबड़ा सबसे मजबूत

और बेहद खतरनाक था। बताया गया है कि अपने दांत और जबड़ों की

ताकत की बदौलत ये ‘किलिंग मशीन’ का रूप अख्तियार कर लेता था।

23 करोड़ साल पुराना ये जीवाश्म पूरी तरह सुरक्षित है और हैरत की

बात ये है कि डायनासोर की पूरी बॉडी बरामद हुई है। ग्नाथोवोरैक्स

कैब्रिरे की लंबाई 10 फीट होती थी और वजन लगभग आधा टन होता

था। ये उस समय के किसी भी डायनासोर से ज्यादा बड़ा और वजनी

था।  वैज्ञानिकों ने और जानकारी इकट्ठा करने के उद्देश से इस

डायनासोर के दिमाग का सीटी स्कैन किया है। इससे पता चला कि

इसकी नजर बेहद तेज थी। शोध पत्र के मुताबिक अब तक इस समूह

के किसी भी डायनासोर के न्यूरोएनोटॉमी का इतिहास में कभी भी

परीक्षण नहीं हुआ था। ये पहली मर्तबा है जब वैज्ञानिको ने इसके

सॉफ्ट टिश्यूज को वापस तैयार किया।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from विश्वMore posts in विश्व »

5 Comments

Leave a Reply

Open chat
Powered by