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कुख्यात उग्रवादी सहित एक हजार से अधिक लोगों ने सोनोवाल के समक्ष हथियार डाले

  • अमित शाह के असम दौरे के ठीक पहले हुए कार्यक्रम

  • एक साथ 1040 उग्रवादियों ने हथियार डाले

  • 5 संगठनों की तरफ से 58 राइफल सरेंडर

  • 338 अन्य हथियार और गोला बारूद भी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: कुख्यात उग्रवादी इंगती कठार सोंगबिजीत और पांच उग्रवादी समूहों से जुड़े

1039 उग्रवादियों ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के सामने को हथियार डालकर

मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

वीडियो में देखिये आत्मसमर्पण का यह पूरा  कार्यक्रम

ये सभी उग्रवादी पीपुल्स डेमोक्रेटिक काउंसिल ऑफ कर्बी लोंगरी (पीडीसीके), कर्बी लोंगरी

एन सी हिल्स लिबरेशन फ्रंट (के एल एन एल एफ), कर्बी पीपुल्स लिबरेशन टाइगर

(केपीएलटी), कुकी लिबरेशन फ्रंट (केएलएफ) और यूनाइटेड पीपुल्स लिबरेशन आर्मी

(यूपीएलए) से जुड़े थे। सोंगबिजीत पीडीसीके का प्रमुख था। इससे पहले वह प्रतिबंधित

नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड का कमांडर -इन- चीफ था। वह हत्या समेत कई

घटनाओं में संलिप्त रहा था। कर्बी आंगलांग और वेस्ट कर्बी आंगलांग जिलों से 1040

लोगों के समर्पण करने का स्वागत करते हुए सोनोवाल ने कहा कि उनकी सरकार असम

को उग्रवाद मुक्त राज्य बनाने के लिए काम कर रही है।उन्होंने कहा, ‘‘हम युवाओं को

समाज में वापसी के लिए हर संभव सहायता दे रहे हैं। हम वित्तीय सहायता से लेकर कई

अन्य मदद भी मुहैया करा रहे हैं। हम आगे भी उनके लिए कदम उठाएंगे।’’ अतिरिक्त

पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) हिरेन चंद्र नाथ ने बताया कि उग्रवादियों ने ए के

सीरीज की 58 राइफलों समेत 338 हथियार, 11एम-16 बंदूक और चार एलएमजी भी जमा

कराए। उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों के भीतर उग्रवादी समूहों के साथ सरकार

औपचारिक शांति समझौता करेगी।

कुख्यात उग्रवादी एवं अन्य लोग मुख्य धारा में लौटे हैं

हालांकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 25 फरवरी को होने वाले असम के कर्बी आंगलोंग

जिले के दौरे के दौरान छह अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ हथियार डालने से पहले

उग्रवादी संगठन ‘पीपुल्स डेमोक्रेटिक काउंसिल ऑफ कर्बी आंगलोंग’ (पीडीसीके) ने 18

फरवरी को एकतरफा संघर्षविराम की घोषणा कर दी थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी

ने बताया था कि पीडीसीके, दिमा हलाम दाओगाह और कर्बी पीपुल्स लिबरेशन टाइगर्स

जैसे सात उग्रवादी संगठनों के हथियार डालने के साथ ही राज्य के तीन जिलों-कर्बी

आंगलोंग, वेस्ट कर्बी आंगलोंग और दिमा हसाओ में उग्रवाद का अंत हो जाएगा।

पीडीसीके के अध्यक्ष जे के लिजांग ने एक बयान में कहा था कि संगठन ने मुद्दों के

राजनीतिक समाधान को गति प्रदान करने के लिए एकतरफा संघर्षविराम की घोषणा

करने का निर्णय किया है। लिजांग ने उम्मीद जताई थी कि केंद्र सरकार भी मुद्दों के

सौहार्दपूर्ण राजनीतिक समाधान के लिए समान गंभीरता दिखाएगी।

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