एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ाने के नए उपाए करने जा रही है मोदी सरकार, जाने क्या……

Safe Airport

नई दिल्ली : एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ाने के नए उपाए करने जा रही है मोदी सरकार जिससे भारत में हवाई यात्रा ज्यादा सुरक्षित होगा।



आने वाले समय में हवाई सफर के दौरान अपने साथ सामान या लग्गेज़ ले जाना कठिन हो जाएगा।

मोदी सरकार सुरक्षा में कड़ाई बरतने के नए तरीके निकालने की कोशीश में है

जिससे भारत में हवाई सफर करने वालों को आने वाले दिनों में थोड़ा मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

दरअसल आने वाले वक्त में मोदी सरकार एयरपोर्ट के भीतर ले जाने वाले सामानो की जांच कर

संदिग्ध वस्तुओं का पता लगाने का आदेश देने वाली है,

जहाँ सारे सामानों को स्कैन कर एक-एक समान चेक होगा

और किसी भी तरह के ऐसे वस्तु जिससे जान, माल का नुकसान हो सकता है,

अगर बैग में पाये गए तो उनपर कड़ी कार्रवाई करने का विचार बना रही है।

जिसके लिए सरकार एयरपोर्ट पर आधुनिक सीटीएक्स मशीन भी लगवाने वाली है

जिससे बारीक और संदिग्ध वस्तुओं का भी पता लगाया जा सकता है।

सरकार का मानना है कि मौजूदा एंटी हाईजैकिंग कानून प्रभावी ढंग से काम करेगा,

जिससे आने वाले दिनों में हवाई सफर ज्यादा सुरक्षित होगा।

वहीं सरकार का मानना है की किसी भी छोटी चूक से बड़ी क्षति न हो जाये इसलिए सुरक्षा एजेंसी हर संभव प्रयास करे।

जिसके लिए हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार तैयारी करती रहती हैं।

मौजूदा समय में अनाधिकृत ड्रोन कैमरों की एयरपोर्ट परिसर में रोकथाम सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है,

जिसके लिए एक विस्तृत योजना बनाई जा रही है।

सजा का प्रावधान –

सरकार संदिग्ध वस्तुओं को एयरपोर्ट के भीतर ले जाने वाले लोगों

पर अधिक से अधिक सख्त कार्रवाई करने की योजना बना रही है।

एयरपोर्ट के भीतर संदिग्ध वस्तुएं ले जाने वाले लोगों के पकड़े जाने पर सख्त धाराएं लगाने पर विचार किया जा रहा है।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि इन नए कदमों से मौजूदा एंटी हाईजैकिंग कानून को और धार मिलेगी,

जिसे दो साल पहले ही लागू किया गया था।

इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर हाईजैकर और उसकी मदद करने वाले लोगों पर

एक ही सजा का प्रावधान होगा और अधिकतम सजा मृत्युदंड भी हो सकती है।

साथ ही संदिग्ध वस्तुओं की श्रेणियों को भी बढ़ाने की योजना है, जिसमें अनधिकृत ड्रोन भी शामिल होंगे।

इस कानून में हवाई जहाज को नुकसान पहुंचाए जाने की नीयत से संदिग्ध वस्तु ले जाने पर 10 साल तक की सजा प्रावधान है।

गौरतलब है कि हवाई यात्रा के खतरों से निपटने के लिए एंटी हाईजैकिंग एक्ट 1982 में बदलाव किया गया था

और 2016 में नया एंटी हाईजैकिंग एक्ट बना था,

जिसके बाद से लगातार अलग-अलग एजेंसियां इस कानून की मदद से हवाई खतरों का मुकाबला करने की रणनीति बना रही है।



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