fbpx Press "Enter" to skip to content

मोदी सरकार अब सुप्रीम कोर्ट के सवालों से घबड़ा रही है

मोदी सरकार अब पूरे देश के लिए टीका खरीदेगी। यह काम बहुत पहले ही हो जाना चाहिए

था। इससे पूर्व जब भी पूरे देश में कोई टीकाकरण अभियान चला है, जो यह सारी खरीद

केंद्रीय स्तर पर ही एकीकृत पद्धति से हुई है। इससे टीके की कीमत कम होती है तथा पूरे

देश में कहां कितना टीका बांटा गया, उसका भी एक केंद्रीयकृत हिसाब होता है। मोदी

सरकार अब जाकर यह फैसला ले रही है तो यह माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना

वैक्सीन के बारे में जो कुछ जानकारी मांगी हैं, वह सार्वजनिक होने की स्थिति में सरकार

फिर से असहज स्थिति में आ सकती है। वैसे ही विरोधी दल यह आरोप लगा रहे हैं कि

सिर्फ नाम कमाने के लिए राष्ट्रहित को दरकिनार कर मोदी सरकार ने विदेशों में टीके

भेजे। इसके अलावा देश में भी निजी अस्पतालों को भी टीके बेचे गये हैं। इसी वजह से

निजी अस्पताल बड़े होटलों के पैकेज में टीकाकरण शामिल कर अपने कारोबार से मुनाफा

कमाने लगे थे। वैसे इस पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। लेकिन इससे स्पष्ट हो गया

था कि टीका वितरण के मामले में केंद्र सरकार ने ईमानदारी नहीं बरती है और आम

जनता के हितों की अनदेखी की है। मोदी सरकार अब तो इंतजाम करने का एलान कर रही

है, उसके पीछे सुप्रीम कोर्ट का वह निर्देश भी है, जिसमें उसने टीका के संबंध में सारे

दस्तावेज कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। एक महीने बाद सुनवाई की अगली तिथि

शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित की गयी है। इस बीच कल ही इस बात की घोषणा कर दी

गयी कि केंद्र सरकार अब राज्यों के लिए भी कोविड-19 के टीके खरीदेगी अैर 18 साल से

ऊपर के सभी लोगों के लिए राज्यों को मुफ्त टीके देगी।

मोदी सरकार को यह काम काफी पहले ही कर लेना था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल इस बात की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि टीके की

संशोधित नीति अगले दो हफ्ते में तैयार हो जाएगी और 21 जून से लागू हो जाएगी। मोदी

ने कहा, राज्यों को टीके पर एक भी पैसा खर्च नहीं करना होगा। 25 फीसदी टीके लगाने का

जिम्मा राज्यों का था मगर अब यह जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार ही उठाएगी…अब 18 साल

से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त में टीका लगाया जाएगा। लेकिन राष्ट्र के नाम अपने

संबोधन में अब तक ऐसा क्यों नहीं किया गया था तथा बजट में जिस 35 हजार करोड़ की

चर्चा की गयी थी, उन दोनों ही विषयों में मोदी सरकार अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। श्री

मोदी ने कहा कि कुल उपलब्ध टीकों में से 75 फीसदी की खरीद सरकार करेगी ओर बाकी

25 फीसदी पहले की ही तरह निजी अस्पतालों के लिए उपलब्ध होंगे। निजी अस्पताल

टीके प्रत्येक खुराक की निर्धारित कीमत के अलावा 150 रुपये तक ही सेवा शुल्क ले

सकेंगे। राज्य सरकारें इस पर नजर रखेंगी। इस बारे में विस्तृत दिशानिर्देश केंद्र और

राज्यों द्वारा तैयार किए जाएंगे। यानी निजी अस्पतालों को अलग से टीका देने का प्रबंध

इस एलान में भी औपचारिक कर दिया गया है। सरकार ने 1 मई से उदार टीका नीति की

घोषणा की थी, जिसके तहत राज्यों और निजी अस्पतालों को सीधे टीका विनिर्माताओं से

टीके खरीदने की अनुमति दी गई थी। टीका कंपनियां उपलब्ध भंडार का केवल 50 फीसदी

ही उन्हें उपलब्ध करा सकती थीं। हालांकि केंद्र और राज्यों के लिए टीके की कीमत में

अंतर था। केंद्र को प्रति खुराक 150 रुपये में उपलब्ध हो रही थी जबकि राज्यों के लिए

इसकी दरें 300 से 600 रुपये प्रति खुराक थीं। टीके की दोहरी कीमत की नीति पर उच्चतम

न्यायालय ने सवाल उठाए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने सीधे सीधे सरकार की मंशा पर सवाल उठाये हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों द्वारा टीकाकरण के काम को विकेंद्रीकृत करने की मांग के

बाद यह नीति लाई गई थी। उन्होंने कहा, हमने सोचा कि अगर राज्य अपना प्रयास करना

चाहते हैं तो इसमें केंद्र को समस्या नहीं होनी चाहिए… इसलिए हमने 25 फीसदी काम

राज्यों को सौंप दिया। केंद्र सरकार टीके की आपूर्ति की सूची भी राज्यों के साथ पहले ही

साझा करेगी। मोदी ने कहा कि उदार टीका नीति लागू करने के दो हफ्ते के बाद राज्यों को

टीके की खरीद और वैश्विक स्तर पर टीके की किल्लत का अहसास हुआ। उन्होंने कहा,

कई राज्यों ने खुलकर बोलना शुरू कर दिया कि पुरानी व्यवस्था ही बेहतर थी और मांग

की गई हम इस नीति पर पुनर्विचार करें। टीके की मात्रा और कीमत तय करके राज्यों के

पास मोलभाव करने की काफी कम गुंजाइश छोडऩे की बात कहते हुए शीर्ष अदालत ने

हाल ही में केंद्र की खिंचाई की थी। अदालत ने केंद्र से पूछा था कि राज्यों को खुद टीका

खरीदने की जिम्मेदारी देने के बजाय केंद्र समूचे टीके रियायती दर पर क्यों नहीं खरीद

सकती। मोदी सरकार अब काफी देर से उसी रास्ते पर चलने का एलान कर रही है।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from अदालतMore posts in अदालत »
More from कोरोनाMore posts in कोरोना »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from राज काजMore posts in राज काज »

Be First to Comment

... ... ...
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: