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चांडिल डैम के विस्थापितों के लिए विधायक ने सौंपा मांग पत्र

चांडिल: चांडिल डैम के विस्थापितों के विभिन्न समस्याओं का निराकरण हेतु शुक्रवार को

आदित्यपुर स्थित स्वर्णरेखा भवन में विधायक सविता महतो ने प्रषासक को 12 सुत्री

मांग पत्र सौपा। इस दौरान विधायक ने मांग पत्र में विस्थापितों के लिए सरकार द्वारा

बनायी गई पुनर्वास नीति को अक्षरश कार्यान्वयन किया जाने, पुनर्वास नीति के अनुसार

समन्वय समिति गठन करने का प्रावधान है। समन्वय समिति का गठन हुई है तो इसको

बैठक अविलम्ब बुलाकर पारदर्शिता के साथ विस्थापितों की लम्बित समस्याओं का

निरारण किया जाए। यदि समिति का गठन नहीं हुई है तो क्यों? क्षेत्र में भ्रमण के दौरान

प्रायः विस्थापितों से मुआवजा, विकास पुस्तिका, अनुदान राशि आदि नहीं मिलने का

शिकायतें प्राप्त होती है। शिकायतें दुर करने हेतु त्वरित कार्रवाई की जाए। पुनर्वास स्थलो

में सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराया जाय तथा योग्य जरुरतमंद

कार्डधारियों को प्लॉट आवंटित कर पर्चा का वितरण किया जाए। अवैध रुप से कब्जा

किया गया प्लाटो को मुक्त कराते हुए कब्जाधारियों पर कानुनी कार्रवाई की जाए। भू

अर्जन कार्यालय में पंचाटियों की सूची तैयार किया जाए तथा ऐसी पंचाटि जो विकास

पुस्तिका, अनुदान से वंचित है उन्हें अपना अधिकार शीघ्र मुहैया कराया जाए। समाचार

पत्र व विस्थापितों से यह भी शिकायत प्राप्त होती है कि विस्थापितों के अनुदान,

मुजावज, प्लॉट आवंटन आदि कार्य में काफी अनियमितता होती है तथा चंद बिचौलिया,

कर्मचारी उनमें लिप्त है। यदि ऐसा हो तो परम्परा को हटा कर कार्य में पारदर्शिता लाया

जाए। अपर निदेशक कार्यालय में लम्बित सभी कार्यो का निपटारा यथाशीघ्र किया जाए।

चांडिल डैम के प्रभावित गांवों को मुआवजा मिले जल्दी

आशिंक रूप से प्रभावित सभी गांवों की विस्थापितों का मुआवजा राशि का भुगतान करने

की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाए। विस्थापित शिक्षित बेरोजगार युवक, युवतियों

को अभिलम्ब रिक्त तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति की जाए। परियोजना स्तर

पर सभी कार्यालयों में वर्षों से पद रिक्त है। डैम का जल स्तर तबतक नहीं बढ़ाया जाए

जब तक विस्थापितों को शेष बचे पुनर्वास सुविधा पुर्णरुप से न मिले। पुनर्वास सुविधा,

अनुदान भुगतान में रोड़ा बने अपर निदेशक, पुनर्वास एवं भु अर्जन कार्यालय का सभी

प्रभार पुनर्वास कार्यालय को ही सौंपा जाए। यह ग्रामीणों का वर्षों पुराना लम्बित मांग हैं।

पुनर्वास पदाधिकारी को ग्राम में शिविर कर विस्थापितों के बाकी सभी सुविधाएं मुहैया

कराने की आदेश दिया जाए जिससे बिचौलिया प्रथा समाप्त हो सके। साथ ही डैम के

किनारे बसे गांव में लिफ्ट ऐरिगेषन का व्यवस्था कर सिचाई के लिए पानी का व्यवस्था

किया जाने का मांग शामिल है। इस अवसर पर केन्द्रीय सदस्य काबलू महतो, जिला

सचिव बुद्धेश्वर मार्डी आदि उपस्थित थे।


 

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