एम जे अकबर का इस्तीफा बीस महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी

एम जे अकबर का इस्तीफा
  • देश के नामी पत्रकार रहे हैं अकबर

  • पहले कांग्रेस में थे अब भाजपा में हैं

  • झारखंड से भी रह चुके हैं राज्यसभा सांसद

रासबिहारी



नई दिल्ली: एम जे अकबर ने अंततः अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

बीस महिला पत्रकारों के गलत व्यवहार और यौनशोषण के आरोपों के बाद

आखिरकार केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।

भाजपा सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में पहली बार किसी मंत्री ने इस्तीफा दिया है।

इससे पहले रविवार को अपने सरकारी विदेश दौरे से देश वापसी पर अकबर ने बयान जारी कर आरोपों पर अपना पक्ष रखा था।

उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया था।

यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर मामले की गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई भी होगी।

दूसरी तरफ मंत्री के खिलाफ गवाही देने वाली महिला पत्रकारों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।

यह चर्चा है कि महिला पत्रकारों के बाद कुछ अन्य महिलाएं भी अकबर के खिलाफ आरोप लगाने के लिए सामने आ सकती हैं।

अकबर के इस्तीफे के बाद राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है।

यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकारों में से एक प्रिया रमानी के खिलाफ सोमवार को आपराधिक मानहानि का मुकदमा कर दिया था।

रमानी के समर्थन में 20 महिला पत्रकार सामने आई गई हैं।

ये सभी पत्रकार ‘द एशियन एज’ अखबार में काम कर चुकी हैं।

अकबर की ओर से रमानी को मानहानि का नोटिस भेजे जाने पर

इन महिला पत्रकारों ने एक संयुक्त बयान में रमानी का समर्थन करने की बात कही और अदालत से अनुरोध किया है कि अकबर के खिलाफ उन्हें भी सुना जाए।

अकबर अंग्रेजी अखबार एशियन एज के पूर्व संपादक हैं।

सबसे पहले रमानी ने उनके खिलाफ आरोप लगाया था और बाद में धीरे-धीरे और 11 महिला पत्रकार भी अपनी शिकायतों के साथ खुलकर सामने आ गई।

एम जे अकबर के खिलाफ शिकायत करने वालों में कई प्रमुख पत्रकार भी शामिल

अकबर के खिलाफ खुलकर सामने आनेवाली पत्रकारों में फोर्स पत्रिका की कार्यकारी संपादक गजाला वहाब, अमेरिकी पत्रकार मजली डे पय कैंप और इंग्लैंड की पत्रकार रूथ डेविड शामिल हैं।

क्विंट के लिए लेख लिखने वाली स्वाति गौतम ने भी मंगलवार को ही आरोप लगाया कि

एक बार अकबर ने मुझे भी होटल के कमरे में बुलाया था।

उस समय वह कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ती थी और अकबर को न्योता देने गई थी।

स्वाति ने लिखा है कि उस समय अकबर केवल तौलिया में था।

कमरे में मेरे घुसते ही उन्होंने मेरी तरफ गिलास लुढ़काते हुए अपने लिए ड्रिंक बनाने को कहा।

शुरू में तो मैं अवाक रह गई लेकिन तत्काल संभली और झुकते हुए गिलास उनकी तरफ लुढ़का दिया।

उन पर कड़ी नजर डालते हुए उस कमरे से बाहर निकल गई।

दैनिक अखबार द टेलीग्राफऔर पत्रिका संडे के संस्थापक संपादक रहे 67 साल के अकबर 1989 में राजनीति में आने से पहले मीडिया की एक बड़ी हस्ती थी।

उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था और सांसद बने थे।

अकबर 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे।

मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य अकबर जुलाई 2016 से विदेश राज्य मंत्री थे।



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