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मिथाली राज अब किसी किस्म के परिचय की मोहताज नहीं

  • महिला अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 10000 रन पूरे करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी

@राकेश अग्रवाल

मिथाली राज अब किसी पहचान की मोहताज नहीं है। भारतीय महिला टेस्ट और

एकदिवसीय क्रिकेट टीम की कप्तान “लेडी तेंदुलकर” मिथाली दोराई राज ने हाल ही में

एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया है । वे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 10000 रन पूरे करने

वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गयी हैं । उन्होनें यह उपलब्धि दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध

तीसरे एक दिवसीय मैच में 36 रन बनाने के बाद हासिल की । वे अब प्रथम स्थान पर

काबिज़ इंग्लैंड टीम की भूतपूर्व खिलाड़ी एवं कप्तान शेर्लोट एडवर्ड्स से महज 148 रन

पीछे हैं । 1982 में जोधपुर, राजस्थान में एक तमिल परिवार में पैदा हुई मिथाली ने 10

टेस्ट में 663, 214 एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय में 7098 एवं 89 टी20 मैचों में 2364 रन

बनाकर यह शानदार उपलब्धि हासिल की है । टेस्ट और एकदिवसीय मैचों में उनका

औसत 51 से ऊपर का है जबकि टी20 में 37.52 है । जून 1999 में एकदिवसीय मैच से

अपने करियर की शुरुआत करने वाली दाहिने हाथ की बल्लेबाज एवं लेग ब्रेक गेंदबाज

मिथाली ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में आज एक मुकाम हासिल कर लिया है ।केवल 14 वर्ष की

उम्र में ही उनका नाम 1997 महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए संभावित खिलाडियों की

सूची में डाला गया था, हालाँकि फाइनल चयनित खिलाडियों में उनका नाम नहीं आ पाया

था । 1999 में जब आयरलैंड के खिलाफ एकदिवसीय में उनका डेब्यू हुआ तो उन्होंने

शानदार 114 (नॉट आउट) रनों की पारी खेली थी । टेस्ट क्रिकेट में उनका पदार्पण 2001-

02 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ लखनऊ में हुआ था । अपने तीसरे ही टेस्ट में उन्होंने

ऑस्ट्रेलिआई कप्तान कैरन रोल्टोन का 209 रनों के सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का

रिकॉर्ड तोड़ कर 214 रनों का एक नया रिकॉर्ड बना दिया था ।

मिथाली राज एक विश्वकप के पहले बीमार पड़ गयी थी

2002 के वर्ल्ड कप के दौरान टाइफाइड बुखार के चलते वो अपना विशेष योगदान नहीं दे

पाईं थीं लेकिन 2005 वर्ल्ड कप में उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुँचाया था, जहाँ वो

ऑस्ट्रेलिया की सशक्त टीम से हार गयी थी । 2006 में उन्होंने भारत को इंग्लैंड के विरूद्ध

इंग्लैंड में पहली बार सीरीज जिताने का अविस्मरणीय योगदान दिया था और उसके ठीक

12 महीनों के भीतर ही बिना कोई मैच गवाएं एशिया कप भी जीता दिया था । 2013 के

वर्ल्ड कप में एकदिवसीय खिलाडियों की सूची में वे प्रथम स्थान पर थीं ।2017 में उन्हें

आई सी सी द्वारा चुनी गयी महिला टीम में शामिल किया गया था । उसी वर्ष खेले गए

वर्ल्ड कप में उन्होंने लगातार 7 बार 50+ का स्कोर बनाकर एक नया कीर्तिमान बनाया था

। वर्ल्ड कप मैचों में 1000 रन बनाने वाली वो पहली भारतीय महिला खिलाडी हैं ।

एकदिवसीय वर्ल्ड कप मैचों में लगातार 109 मैच खेलने का विश्व कीर्तिमान भी उनके

नाम है । 2021 में होने वाले एकदिवसीय वर्ल्ड कप भारत को जिताने के लिए उन्होंने

2019 में टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों से संन्यास ले लिया है और अपना पूरा ध्यान उस पर

केंद्रित कर रही थीं । हालाँकि कोरोना महामारी के चलते अब इसे अगले वर्ष तक के लिए

स्थगित कर दिया गया है । मिथाली राज संभवतः वह पहली खिलाड़ी हैं जो टीम में एक

सदस्य और बैटिंग-कोच दोनों भूमिका में रह चुकी हैं । उन्हें पढ़ने का शौक है और एक

भरतनाट्यम नृत्यांगा भी हैं । बॉलीवुड में उनकी जीवनी पर एक फिल्म भी बनने की बात

भी चल रही है, जिसमे उनके किरदार के लिए अभिनेत्री तापसी पन्नू का चुनाव किया गया

है ।

इस महिला क्रिकेट खिलाड़ी को अब तक मिले सम्मान

2003: अर्जुन अवार्ड ।
2005: पद्म श्री ।
2017: यूथ स्पोर्ट्स आइकॉन ऑफ़ एक्सीलेंस अवार्ड, वोग स्पोर्ट्स पर्सन ऑफ़ दी ईयर, बी बी सी 100 वीमेन, विसडेन लीडिंग वुमन क्रिकेटर इन दी वर्ल्ड ।
2020: आई सी सी क्रिकेटर ऑफ़ दी डिकेड ।

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