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मिशनरीज ऑफ चैरिटी की गड़बड़ियों की सांसद समीर ऊरांव ने की आलोचना

  • निर्मल ह्रदय बना निर्मम ह्रदय, विपक्ष बना रहा है उसे निर्भीक : समीर उरांव
  • बच्चों की हेराफेरी करने वाले निर्मल ह्रदय संस्था पर विपक्षी नेता चुप क्यों?

रांची : मिशनरीज ऑफ चैरिटी के तहत चलने वाली निर्मल ह्रदय संस्था निर्मम ह्रदय बनी जिसका श्रेय विपक्षी

पार्टियों के तथाकथित झारखंड हित की बात करने वाले नेताओं को जाता है जिनके प्रश्रय में ऐसी संस्थाएं

फली फूली और निर्भीक होकर नवजात बच्चों के खरीद-फरोख्त जैसे घिनौने अपराध को अंजाम दिया।

उन्होंने कहा कि झामुमो, कांग्रेस समेत सारे विपक्षी पार्टियों के नेता निर्मल ह्रदय जा चुके हैं

जिससे मिशनरीज ऑफ चैरिटी के तहत चलने वाला निर्मल हृदय आज विपक्षी पार्टियों का दुलारा

बन चुका है।  900 से ज्यादा बच्चों की हेराफेरी करने वाले निर्मल ह्रदय संस्था पर न सिर्फ विपक्षी नेता

चुप हैं बल्कि मिशनरी की चादर लपेटे चल रही इन आपराधिक संस्थाओं के प्रति सह्रदय भी रहे हैं।

हरमू स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद समीर उरांव ने

प्रेसवार्ता में उक्त बातें कही।

निर्मल ह्रदय पर लगे आरोपों का जिक्र करते हुए श्री उरांव ने कहा कि रेप पीड़ित अविवाहित तथा नाबालिग

गर्भवती महिलाओं को वहाँ आश्रय दिया जाता था एवं रेप पीड़ित की जानकारी पुलिस को नहीं दी जाती थी।

प्रसव के बाद बच्चों को रखकर माँ को वापस लौटा देता था।

उन्होंने बताया कि 900 से ज्यादा नवजात बच्चों का व्यापार बच्चों की सुरक्षा और अधिकार के नियमों

की अनदेखी करते हुए किया गया।

मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा नियमों के उल्लंघन का उल्लेख किया

अनाथ या छोड़े गये बच्चों के गोद लेने संबंधी नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि अनाथ बच्चों को

तभी कानूनी तौर पर गोद देने लायक माना जाता है जब बच्चे के जन्म या बच्चा मिलने के 24 घंटे में

बाल कल्याण समिति के पास रिपोर्ट की जाये

उन्होंने कहा कि सारे नियमों को ताक पर रखकर निर्मल ह्रदय ने बाल व्यापार जैसे घिनौने कार्य को अंजाम दिया।

उन्होंने विपक्षी नेताओं पर मिशनरी धर्मगुरुओं के तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि हेमंत,

बाबूलाल बताएँ की निर्मल ह्रदय के नाम पर मिशनरी धर्मगुरुओं ने सेवा की है या सौदेबाजी,

उन्होंने कहा कि निर्मल ह्रदय जैसे मिशनरी संस्थाओं के पाप क्यूँ नहीं दिखते हैं हेमंत को,

हेमंत की चुप्पी मिशनरी धर्मगुरुओं के तुष्टिकरण की मजबूरी स्वत: बयान करती है।

उन्होंने कहा कि अब वोटबैंक ने विपक्षी पार्टियों को इतना मजबूर कर रखा है कि उन्हें नवजात

और अबोध बच्चों की खरीदफरोख्त भी जायज लगने लगी है।

प्रेसवार्ता में विधायक राम कुमार पाहन और पूर्व विधायक कमलेश उरांव भी मौजूद थे।

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