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असम में अल्पसंख्यक विकास बोर्ड में 501 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश

कांग्रेस और भाजपा की मिलीभगत से घोटाला

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों का

घोटाला सामने आया है। केंद्रीय दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में फर्जी आवेदन के तहत

करोड़ों रुपए का घोटाला किया गया है। जांच एजेंसी का विश्वसनीय स्रोत आपराधिक जांच

विभाग (सीआईडी) के वरिष्ठ अधिकारी ने इस संवाददाता से कहा कि वर्तमान में, इस

घोटाले में, लगभग 10 फर्जी संस्थानों और कई हजार फर्जी उम्मीदवार पर एक मामला

पाया गया है। जानकारी के मुताबिक, इन 10 फर्जी संस्थानों ने छात्रों के फर्जी रजिस्ट्रेशन

दिखाकर सरकारी पैसे हजम कर गए। संबंधित विभाग के अधिकारियों की मानें तो

मौजूदा सत्र में भी फर्जी रजिस्ट्रेशन के नाम पर अब तक करीब 501 करोड़ 46 लाख रुपए

का घोटाला किया गया है।जांच एजेंसी के विश्वसनीय स्रोत ने कहा कि संस्थानों ने स्कूल

के हेड मास्टर और राजनीतिक नेताओं के साथ मिलकर यह घोटाला किया है। सत्तारूढ़

पार्टी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस, दोनों दलों के नेता इस घोटाले में पूरी तरह से शामिल हैं।

असम में अल्पसंख्यक विकास बोर्ड घोटाले में दोनों दल

धोखाधड़ी का यह खेल कई सालों से खेला जा रहा था। यह धोखाधड़ी कितनी बड़ी है और

इस खेल में कितने लोग शामिल हैं, इसका पता आगे की जांच के बाद ही तय होगा। यह

कितने पैसे का घोटाला है, इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। संबंधित विभाग के

अधिकारियों का मानना है कि जांच में धोखाधड़ी के कई और मामले सामने आएंगे। सूत्र ने

कहा कि धोखाधड़ी करने वाले व्यक्तियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और हेड

मास्टर और राजनीतिक नेता सहित 10 संस्थानों के प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज

की जाएगी।यहाँ उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पिछले

वर्षों में असम में अल्पसंख्यक विकास बोर्ड में घोटाले के आरोपों की जांच का आदेश दिया

था।

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री के पास बोर्ड के चेयरमैन डॉ मोमिनुल अवाल बोर्ड में छात्रवृत्ति के

नाम पर हुए घोटाले के आरोपों की सीआईडी से जांच की मुख्यमंत्री से अनुशंसा की थी।

उल्लेखनीय है कि असम के अल्पसंख्यक विकास बोर्ड में अल्पसंख्यक छात्रों को

छात्रवृत्ति दिए जाने के नाम पर फर्जी तरीके से धन की हेराफेरी के आरोप लगे हैं।ज्ञात हो

कि सरकार द्वारा बोर्ड को 501 करोड़ 46 लाख रुपए सरकार द्वारा दिए गए थे। किस

योजना में विभिन्न तरीके से विभिन्न स्तर पर हुए लूट के संबंध में राज्य भर में कई

प्राथमिकी दर्ज करवाए जा चुके हैं। केंद्रीय अल्पसंख्क मंत्रालय ने बौद्ध, ईसाई, जैन,

मुस्लिम, पारसी और सिखों जैसे छह अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक

आर्थिक और शैक्षिक सशक्तीकरण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू

किया है।2015-16 से 2019-20 की अवधि के दौरान, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को

आवंटित कुल फंड 21,160.84 करोड़ रुपये था और वास्तविक व्यय 19,201.45 करोड़ रुपये

था, जो आवंटित निधि का लगभग 90.75 प्रतिशत है।


 

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