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विदेशी मेहमानों के कलरव से गूंज रहा हैदरपुर झील

  • हर साल जाड़ा में चले आते हैं यह पक्षी

  • इनके लिए खास नम भूमि भी तैयार हुई

  • शिकारियों पर रहती है कड़ी निगरानी

सहारनपुर: विदेशी मेहमानों को फिर से अपने उस स्थान पर देखा जा रहा है जहां वे हर

साल डेरा डालते हैं। उत्तर प्रदेश में सहारनपुर मंडल की इकलौती हैदरपुर नमभूमि स्थल

की छटा इन दिनों देखते ही बनती है। शीत ऋतु का आगमन होते ही प्रवासी पक्षियों का

इस नमभूमि पर आगमन होना शुरू हो गया है। स्थानीय पक्षियों ने भी हैदरपुर नमभूमि

और झील पर डेरा डाल लिया है। करीब डेढ़ वर्ष पहले सहारनपुर के पूर्व कमिश्नर संजय

कुमार और वन विभाग के हाल ही में सेवानिवृत्त हुए सहारनपुर के वन संरक्षक वीके जैन

के प्रयासों से बिजनौर गंगा बैराज के पास एक बहुत बड़ी नमभूमि पर हैदरपुर वेटलैंड के

नाम से स्थल की स्थापना की गई थी जहां हजारों-लाखों की तादाद में स्थानीय व प्रवासी

पक्षी अपनी गतिविधियां संपन्न करते हैं और प्रजनन आदि की क्रियाओं में भी भाग लेते

हैं। यह स्थल विदेशी मेहमानों  के अलावा स्थानीय पक्षियों के लिए पूरी तरह से अनुकूल

और सुरक्षित बनाने का प्रयास संजय कुमार द्वारा किया गया। इस स्थल का केन्द्र

सरकार में संयुक्त सचिव टी. उमा ने दौरा किया। उन्होंने काफी देर तक वहां कलरव करते

हजारों विदेशी मेहमानों निहारा। उनका कहना था कि हैदरपुर वेटलैंड रामसर साईट

घोषित किए जाने की पात्रता रखती है और यह विश्व स्तरीय वेटलैंडों में शामिल किए जाने

के सर्वथा उपयुक्त है। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि केन्द्र सरकार इस दिशा में गंभीर

प्रयास करेगी। वन विभाग के एक अधिकारी सूरज ने बताया कि हैदरपुर नमभूमि स्थल

वन्य जीव-जंतुओं और पक्षियों के लिए बहुत ही अनुकूल है

विदेशी मेहमानों के लिए सुरक्षा प्रदान करने पर है पूरी नजर

वन विभाग इस स्थल की पूरी तरह से देखरेख करता है। प्रशासन ने वहां पर शिकारियों

और असामाजिक तत्वों के प्रवेश करने पर सख्ती से रोक लगाई हुई है। केंद्रीय संयुक्त

सचिव टी. उमा और वन विभाग के अधिकारी सूरज ने बताया कि हैदरपुर नमभूमि स्थल

पर गंगा में मौजूद डालफिन की मौजूदगी से पता चलता है कि इस स्थान पर गंगा का

पानी शुद्ध और स्वच्छ है। डालफिन की विशेषता यह है कि वह शुद्ध और स्वच्छ पानी में ही

पाई जाती है। इस नमभूमि पर ग्रे लेग गूज,सुरखाब,कामन सेल डक आदि प्रजातियों के

पक्षी बड़ी संख्या में वहां डेरा जमाए हुए हैं। केंद्रीय संयुक्त सचिव टी.उमा जो केरल कैडर

की आईएफएस हैं, ने हैदरपुर वेटलैंड विकसित किए जाने के लिए आईएस अफसर संजय

कुमार और वन विभाग के पूर्व संरक्षक वीके जैन के प्रयासों की सराहना की है।

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